महान गायक मुकेश के जन्मदिवस पर 'गाएँ गीत मुकेश के' कार्यक्रम सम्पन्न
नर्मदायन' कालिका नगर में गायक मुकेश के जन्मदिवस पर उनके यादगार गीतों को सुमधुर आवाज में प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी
नर्मदापुरम:- नर्मदापुरम नगर में संगीत के क्षेत्र में पिछले 20 वर्षों से संचालित दीक्षा म्यूजिक क्लासेस के नए व पूर्व में प्रशिक्षित कलाकारों ने 'नर्मदायन' कालिका नगर में महान गायक मुकेश के जन्मदिवस पर उनके यादगार गीतों को सुमधुर आवाज में प्रस्तुत कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। संस्था द्वारा प्रतिमाह संगीत से जुड़ी प्रतिभाओं के जन्मदिवस अथवा पुण्य स्मृति में कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला का तृतीय चरण था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि TTC के पूर्व डायरेक्टर महेश कुमार विश्वकर्मा, विशिष्ट अतिथि डॉ.नमन तिवारी, राम परसाई की उपस्थिति में कलाकारों ने कराओके ट्रैक पर गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। नित्या पाल ने इक दिन बिक जाएगा, अनुकल्प रिछारिया ने मेरा जूता है जापानी,आरुल परिहार ने इक प्यार का नगमा है, संचिता राजपूत व लावण्या ताम्रकार ने डम डम डिगा डिगा, चैतन्य माकवे ने ओ महबूबा, देव पाठक ने किसी की मुस्कुराहटों पे जैसे मधुर गीतों को प्रस्तुत किया। समृद्धि तिवारी ने चन्दन सा बदन गीत मधुर आवाज में प्रस्तुत कर अतिथियों को प्रभावित किया।
वरिष्ठ कलाकारों में मनीष दुबे- माधवी दुबे ने मुझको इस रात की तन्हाई में, दीक्षा दुबे ने सावन का महीना, शुभम- ऋषव खां ने सात अजूबे इस दुनिया में, जीना यहां मरना यहां, शिवकुमार सुल्लेरे ने सावन की बरसे रिमझिम फुहार, प्रकाश दीवान ने दीवानों से ये मत पूछो, राजेश माकवे ने जाने कहाँ गए वो दिन, राकेश दुबे ने जो तुमको हो पसन्द जैसे प्रसिद्ध गीत प्रस्तुत किये। संस्था संचालक सीमा दुबे ने हम तुम चोरी से गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी। वरिष्ठ गायक डॉ.नमन तिवारी ने कोई जब तुम्हारा हृदय तोड़ दे,कभी-कभी मेरे दिल में,दिल जलता है तो जलने दे जैसे कठिन गीत गाकर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए व बच्चों को गीतों के तकनीकी पक्ष को समझने का अवसर दिया।
विशिष्ट अतिथि राम परसाई ने मेरे टूटे हुए दिल से को अपने सुपरिचित अंदाज़ में गाकर श्रोताओं को आन्दोलित कर दिया। मुख्य अतिथि श्री विश्वकर्मा ने कहीं दूर जब दिन ढल जाए, मैं तो एक ख्वाब हूँ, वक्त करता जो वफ़ा जैसे गीतों को अपनी आवाज दी और उपस्थित बच्चों को संबोधित कर अच्छी प्रस्तुतियों के लिए उन्हें बधाई दी व संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ते रहने के लिए प्रेरित किया। संचालन प्रकाश दीवान ने किया। इस अवसर पर राजेश कुलश्रेष्ठ, नीलू दीवान, सुषमा ताम्रकार, मानस दुबे, विभोर दुबे, दीपक विश्वकर्मा, गौरव साहू विशेष रूप से उपस्थित थे।

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