राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण पर एक दिवसीय कार्यशाला का किया आयोजन
स्वस्थ शरीर ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है--प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन
नर्मदापुरम। शा गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में सोमवार को एनएसएस इकाई एवं रेड क्रॉस के संयुक्त तत्वाधान में जिला स्वास्थ्य समिति नर्मदा पुरम राष्ट्रीय वाहक जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम अंतर्गत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन ने कहा कि स्वस्थ शरीर ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है स्वस्थ होने से तात्पर्य केवल रोग मुक्त जीवन ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ्य होना भी है और इसकी प्राप्ति हमें संतुलित आहार, प्राणायाम, आराम, तनाव मुक्ति, मनोरंजन से प्राप्त होती है।
कार्यशाला में बताया कि मलेरिया डेंगू , चिकनगुनिया ,मच्छर जनित बीमारियां हैं जो विभिन्न प्रकार के मादा मच्छरों के काटने से होती है इन बीमारियों का जून से अक्टूबर माह तक अधिक रहता है क्योंकि बरसात के कारण अनेक स्थानों पर जगह-जगह पानी जमा हो जाता है जहां से मच्छर की संख्या दुगनी हो जाती है जब यह मच्छर उपरोक्त बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को काटते हैं तब रोगी के खून से संक्रमित हो जाते हैं अतः बीमारी ना फैलने हेतु कुछ उपाय किए जा सकते हैं जैसे मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होती है यह मच्छर मटमैला रंग का होता है परजीवी प्लाज्मा मोडियम होता है जिसकी लक्षण सर्दी व कफन के साथ तेज बुखार उल्टी और सिर दर्द पसीना आ कर बुखार उतरना बुखार उतरने के बाद थकावट कमजोरी महसूस होना डेंगू मादा एडीज मच्छर के कारण देखा जाता है इसमें दो से 7 दिन तेज बुखार सिर दर्द मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द आंखों के आसपास दर्द दाने हो सकते हैं। चिकनगुनिया भी इसी मच्छर के कारण पाया जाता है जिस के लक्षण लगभग समान होते हैं बरसात के दिनों में इन सभी बीमारियों से बचने के लिए बताया कि छत पर खुली टंकियां टूटे बर्तन मटके कूलर गमले डिस्पोजल का पॉलिथीन जिसने पानी एकत्रित हो ऐसी चीजों को हटा दिया जाना चाहिए पशुओं के पानी पीने के स्थान घर में सजे हुए फूलदान, कुए, हैंडपंप के आसपास पानी जमा ना होने दें जिससे इन मच्छरों की उत्पत्ति नहीं हो साथ मच्छरदानी का प्रयोग करें।
जिला चिकित्सालय से से उपस्थित एसके गढ़वाल, आर एस चौहान, एसएन शर्मा. गोविंद सिंह सराठे और राहुल सिंह तिवारी, अमित फील्ड वर्कर उपस्थित रहे। उन्होंने कुष्ठ रोग के बारे में विस्तार से छात्रों को बताया कार्यशाला में एनएसएस अधिकारी डॉ हर्षा चचाने, डॉ रीना मालवीय, रेड रिबन क्लब की संयोजक डॉ कंचन ठाकुर, डॉ.कीर्ति खरे, डॉ विजया देवासकर, डॉ अनिल रजक एवं छात्राएं उपस्थित थी।
शासकीय गृहविज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में 26 जुलाई 2023 को एनसीसी प्रथम वर्ष की चयन प्रक्रिया प्रातः 10 बजे से प्रारंभ होगी। यह चयन प्रक्रिया 5 डच् गर्ल्स बटालियन नर्मदापुरम के स्टॉफ द्वारा की जावेगी। महाविद्यालय में 107 कैडेट्स की यूनिट संचालित है एवं प्रथम वर्ष में कुल 38 सीट पर प्रवेश दिया जाना है।
मनोज सोनी editor-in-chief


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