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Thursday, 19 January 2023

जगत जिन के अधीन है प्रेम के बस वही परमात्मा भक्तों के अधीन हो जाते हैं । पंडित सद्भाव तिवारी



 जगत जिन के अधीन है प्रेम के बस वही परमात्मा भक्तों के अधीन हो जाते हैं । पंडित सद्भाव तिवारी


मनोज सोनी नर्मदा पुरम। तारअहाता में गुप्ता परिवार द्वारा आयोजित कथा के पंचम दिवस बाल व्यास पंडित सद्भाव तिवारी ने श्रद्धालुओंं को संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराते हुए श्रोताओं सेे कहा कि जो सभी को आनंद दे वो नंद है और जो सभी को यश दे वह यशोदा है इसीलिए इनके यहां साक्षात ब्रह्म मनुष्य रूप में अवतार लेते हैं वह परमात्मा जो पूरे जगत का स्वामी है। जगत जिन के अधीन है प्रेम के बस वही परमात्मा समस्त भक्तों के अधीन हो जाते हैं पूरा संसार भगवान से भयभीत होता है किंतु वही भगवान यशोदा मैया से प्रेम के बस भयभीत होते हैं ग्वाल वालों के साथ क्रीड़ा करते हैं और सदैव प्रसन्न रहने की अपनी लीलाओं के माध्यम से शिक्षा देते हैं कृष्ण शब्द का अर्थ होता है जो अपने नाम अपने रूप अपने लीला और धन से भक्त जनों को आकर्षित करें वह कृष्ण है । पंडित व्यास ने कहां कि रामकृष्ण दोनों एक हैं दोनों में कोई भेद नहीं बस राम जी के नयन गंभीर हैं और कृष्ण जी के चपल हैं भगवान ने पूतना का वध कर अविद्या को नष्ट किया ऑल तृणावर्त का वध कर काम वासनाओं के वेग को नष्ट किया अघासुर का वध कर पाप को नष्ट किया आगे कथा को विस्तार देते हुए पंडित व्यास जी ने गोवर्धन लीला का वर्णन किया कि इंद्र के मान का मर्दन करते हुए भगवान ने अपनी कनिष्ठका उंगली पर गोवर्धन को धारण किया। इस अवसर पर गुप्ता परिवार के परिजन सहित जनप्रतिनिधि एवंं गणमान्य नागरिक सहित भाारी संख्या श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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