छत्रपाल बने स्टूडेंट आफ द ईयर
समेरिटंस में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को संकल्प और सीख के साथ दी विदाई
नर्मदापुरम। समेरिटंस इंग्लिश मीडियम हायर सेकंडरी स्कूल में शुक्रवार को शिक्षकों द्वारा कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को नए संकल्प और चुनौतियों का सामना करने और अपने लक्ष्य को स्वयं निर्धारित करने की सीख के साथ विदाई दी गई। इस अवसर पर सालभर स्कूल में उपस्थिति, अनुशासन, रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी को देखते हुए छत्रपाल सिंह को स्टूडेंट आफ द ईयर घोषित किया गया। इसके अलावा छात्र शुभ परसाई छात्र वर्ग में और मैत्रेयी हर्णे को छात्रा वर्ग में श्रेष्ठता पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को विदाई के दौरान समेरिटंस ग्रुप आफ स्कूल्स के डायरेक्टर डाॅ आशुतोष शर्मा ने कहा कि जब आप स्कूल में प्रवेश लेते हैं तो वह बंधन का समय होता है। उस दौरान एक विद्यार्थी के रूप में आप पर अनुशासन के साथ ही कई बंधन होते हैं। आज जब आप अपना शिक्षण कार्य पूरा करके यहां से जा रहे हैं तो यह मुक्ति का क्षण हैं। अब आप के रूप स्कूल का कोई बंधन नहीं होता। आपको अपने लक्ष्य स्वयं ही निर्धारित करने होंगे। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जिस प्रकार एक नदी अपने किनारों को स्वयं निर्माण करते हुए उसी की मर्यादा में बंधी हुई अपने लक्ष्य यानी सागर से जाकर मिल जाती है। ठीक उसी प्रकार आपको स्वयं ही अपने लक्ष्य को निर्धारित का स्व अनुशासन के किनारों के बीच चलते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना है। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के लिए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्राचार्य प्रेरणा रावत, प्रभारी राजेंद्र रघुवंशी, सुमिता द्विवेदी सहित अन्य शिक्षकों ने विद्यार्थियों को सफलता की सीख दी।कार्यक्रम में खेल, उपस्थिति, अनुशासन और अन्य गतिविधियों में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम को दी रचनात्मकता
अमूमन इस तरह के विदाई कार्यक्रमों में गीत-संगीत और नाच-गाने तक होने लगे हैं। इससे इतर संस्था के डायरेक्टर डाॅ शर्मा ने इसे रचनात्मकता देते हुए आदर्श तरीके से आयोजित करने की पहल की। उन्होंने कहा कि यह क्षण विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण क्षण होता है। जीवन उत्सव और उल्लास मनाना आवष्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है भावी जीवन के लिए एक सार्थक संदेश और दिशा देना। कार्यक्रम को इसी विचार के आधार पर आयोजित किया गया। विद्यार्थियों में भी इसकी काफी अच्छी प्रतिक्रिया देखी गई। उनका कहना था कि वे यहां से शिक्षा और संस्कार के साथ ही एक अच्छी सीख लेकर जा रहे हैं, जो जीवनभर उन्हें प्रेरित करती रहेगी।
----------
No comments:
Post a Comment