दशहरा मैदान पर मेघनाद वध की लीला का मंचन किया
मेघनाद के विशाल पुतले पर श्रीरामलीला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण शर्मा, पं गोपाल प्रसाद खड्डर और महंत प्रताप महाराज ने अग्निबाण से किया दहन
नर्मदा पुरम। श्रीरामलीला महोत्सव में दशहरा मैदान में चल रामलीला में रावण अपने भाई कुम्भकरण के वध के बाद चिंतित होता हैं । तब उसका पुत्र इंद्रजीत मेघनाद रावण की आज्ञा पाकर युद्ध भूमि में पहुँचता है जहाँ उसका घनघोर युद्ध श्रीराम के अनुज लक्ष्मण से होता है, मेघनाद लक्ष्मण पर अनेकों अस्त्र शस्त्रों और ब्रम्हास्त्र का प्रयोग करता है। अपावन यज्ञ करता है लेकिन श्रीराम जी की कृपा से वह भी असफल हो जाता है और लक्ष्मण जी के बाणों से वह भी वीरगति को प्राप्त होता है।
मेघनाद के विशाल पुतले पर श्रीरामलीला समिति के कार्यकारी अध्यक्ष अरुण शर्मा, पं गोपाल प्रसाद खड्डर और महंत प्रताप महाराज ने अग्निबाण छोड़ कर दहन किया 24 अक्टूबर विजयादशमी को दशहरा मैदान पर रावण वध की लीला का मंचन होगा तथा रात्रि में भजन संध्या का आयोजन रखा गया है।
मनोज सोनी एडिटर इन चीफ



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