पूरा शहर अतिक्रमण की चपेट में, सुबह हटाया शाम को फिर बैठ गए
कर्मचारियों की मिलीभगत से इंकार नहीं
शह पर फिर जम जाते हैं अतिक्रमणकर्ता
नर्मदा पुरम। शहर की शान सतरस्ता जो की सबसे व्यस्ततम और सौंदर्य का प्रतीक है । उस पर दाग लगाने में अतिक्रमण कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। नगर पालिका प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है । यहां सुबह कर्मचारी अतिक्रमण हटाते हैं शाम को फिर ठेले वाले जम जाते हैं। जनचर्चा यह है कि अतिक्रमण करने वालों पर उचित कार्रवाई नहीं होने से इनके हौंसले बढ़ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि शहर में कई स्थानों पर अतिक्रमण कर फिर दुकान सज जाती है। इसमें कहीं न कहीं नगर पालिका कर्मचारियों की मिली भगत से इंकार नहीं किया जा सकता। अतिक्रमणकारी के हौंसले बढ़ रहे हैं। सतरास्ते के साथ ही स्कूल के सामने ,कॉलेज रोड , टेलीफोन एक्सचेंज मेन मार्केट सहित अन्य जगहों पर अतिक्रमणकारी डेरा जमा रहे हैं। कॉलेज के सामने तो पूरा तिराहे ही अतिक्रमण की चपेट में है। पूरे बाजार में नगर प्रशासन पालिका द्वारा केवल और औपचारिकता ही की जा रही है। इसके बाद यह फिर अपनी जगह पर पहुंच जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका के कुछ कर्मचारी और अधिकारी अतिक्रमणकारियों से मिले होने से इंकार नहीं किया जा सकता। शायद इनका रोज या फिर हफ्ता बंधा हुआ है हर दुकानदार से इससे भी इंकार नहीं किया जा सकता । शहर के हर रोड , फुटपाथ किनारे हर जगह अवैध ठेले लगे हैं। नगर पालिका का अमला इन्हें हटा देता है और फिर ये जम जाते हैं। बिना पैसे का कोई काम ही नहीं हो रहा । पैसे का खेल चहुंओर चल रहा है सूत्रों की माने तो इस बात से इनकार नहीं किया जाता है।
बीच रोड पर सज गए ठेले
सतरस्ते से ग्वालटोली तक अतिक्रमण अमले की ताबड़तोड़ कार्रवाई गत दिवस की गई थी। उसके बाद फिर से यहां पर अतिक्रमणकारी जम गए हैं। यहां पर फल, सब्जी, फुल्की, चाट, सहित अन्य खानपान की चीजों से लोगों ने अतिक्रमण कर पूरा क्षेत्र घेर लिया। इसको लेकर नगर पालिका और जिला प्रशासन में शिकायत पहुंचती है। अतिक्रमण हटाया भी जाता है लेकिन यह फिर से जम जाते हैं।
ट्रैफिक जाम से जनता परेशान
रोड पर ठेले लगाने से शहर में अक्सर जाम लग जाता है। व्यापारियों को भी परेशानी होती थी। मुख्य नगर पालिका अधिकारी के निर्देश पर सुबह से ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी लेकिन दूसरे दिन यह फिर जम गये।ग्वालटोली तरफ जाने वाले रोड पर ही अतिक्रमणकारी बैठ जाते हैं । जेसीबी से अवैध गुमठियों को उठाया और उन्हें भरकर ले गए। लेकिन इसके बाद यह फिर बढ़-चढ़ कर डट गए और यहां अवैध कारोबार शुरू हो गया।

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