मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
जिला अस्पताल में सालों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों का अब होगा ट्रांसफर
बरसों से जमे स्टोर कीपर, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट भी दूसरी जगह जाएंगे
झोलाछाप डॉक्टरों पर सरकार द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई
चिकित्सीय अधिनियम की धारा 7- ग के उल्लंघन में 3 वर्ष का कारावास और 50 हजार तक का जुर्माना किया जाएगा
नर्मदा पुरम। क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य सेवायें, भोपाल मध्यप्रदेश द्वारा जारी आदेशानुसार तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही स्थान पर कार्यरत शासकीय सेवकों की जानकारी उपलब्ध कराये जाने के संबंध में 7 दिन में उनकी जानकारी मांगी गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में सालों से एक ही जगह जमे कर्मचारियों का ट्रांसफर होगा। जल्द ही इसकी सूची बनाई जाएगी और फिर कार्यवाही शुरू होगी।इस संबंध में अरविन्द सिंह चौहान डॉ. उप संचालक संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें मध्यप्रदेश भोपाल, दिनांक 26/07/2024पृ.क्रमाक/2/अवि./सेल-टी.पी./एफ/2024/1132-N प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु आदेश दिए गए हैं।
गौरतलब है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, प्राचार्य, प्रशिक्षण केन्द्र, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक तीन वर्ष से अधिक एक ही स्थान पर कार्यरत शासकीय सेवकों की जानकारी उपलब्ध कराएं।
उपरोक्त विषयांतर्गत लेख है कि समस्त क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य सेवायें मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/प्रशिक्षण केन्द्र/ सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधिक्षक/ मलेरिया कार्यालय अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं में विगत तीन वर्ष की समयावधि से अधिक पदस्थ लेखापाल/ स्टोर कीपर/ क्रय लिपिक/ फार्मासिस्ट ग्रेड-2/ स्थापना लिपिकों की निम्नानुसार निर्धारित प्रारूप में जानकारी 07 दिवस की समयावधि में उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
इस मामले में संबंधित कर्मचारियों के नाम एवं एम्प कोड, वर्तमान पदनाम पदस्थापना जिला एवं कार्यालय का नाम, पदस्थी अवधि एवं दिनांक, संबंधित के विरुद्ध न्यायालयीन / लोकायुक्त / ईओडब्ल्यू /विभागीय जांब आदि की जानकारी प्रमुखता से दी जाए।
अरविन्द सिंह चौहान डॉ. उप संचालक संचालनालय स्वास्थ्य सेवायें मध्यप्रदेश भोपाल, दिनांक 26/07/2024पृ.क्रमाक/2/अवि./सेल-टी.पी./एफ/2024/1132-N प्रतिलिपि सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु अग्रेषित -आयुक्त, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग भोपाल, मध्यप्रदेश।
मालूम हो कि जिला चिकित्सालय में 3 साल से एक ही स्थान पर जमे स्टोर कीपर , फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट भी दूसरी जगह जाएंगे। 7 दिन में इनकी जानकारी मांगी गई है। जिला अस्पताल में सालों से जगह कर्मचारियों का ट्रांसफर होगा। जल्द ही इसकी सूची बनाई जाएगी और फिर कार्यवाही शुरू होगी। फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट से इलाज करने पर 3 वर्ष की सजा और 50 हजार का जुर्माना शहर और आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टरों पर सरकार सख्त की जा रही है। ऐसे डॉक्टरों की डिग्री , सर्टिफिकेट चेक कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी डिग्री से यदि कोई चिकित्सा व्यवसाय कर रहा है तो चिकित्सीय अधिनियम की धारा 7- ग के उल्लंघन में 3 वर्ष का कारावास और 50 हजार तक का जुर्माना किया जाएगा। आयुक्त द्वारा चिकित्सा विभाग ने झोलाछाप डॉक्टरों पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी से जांच कर कार्यवाही की बात कही है। उनका कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई की जाए जिससे मरीजों को गलत इलाज से बचाया जा सके। यह डॉक्टर व्यवसाय के रूप में शहर और आसपास की ग्रामीण क्षेत्रों में मरीज को दवाइयां दे रहे हैं और मोटी रकम वसूल रहे हैं।
एक ही जगह कार्य करने के बदलने का है नियम स्वास्थ्य विभाग उपसंचालक डॉ अरविंद सिंह चौहान ने क्षेत्रीय संचालक,मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से एक ही स्थान पर तीन वर्षों से अधिक कार्यरत स्टोर कीपर, क्रय लिपिक,फार्मासिस्ट ग्रेड 2, स्थापना लिपिक एवं लेखापालों की जानकारी सात दिवस के अंदर मांगी है। जिला अस्पताल में से जमे कर्मचारी स्थांतरित होंगे। तीन वर्ष से अधिक एक जगह पर कार्य करने पर बदलने का है नियम है।

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