मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
मां पार्वती स्वरूपा माता महाकाली और आदिदेव महादेव के शिव शक्ति मिलन के अनूठे अनुष्ठान में शामिल हुए 7 हजार श्रद्धालु
नर्मदा तट से भगवान काले महादेव की पालकी यात्रा शिव बारात के रूप में पहुंची सातरस्ते
पावन नगरी नर्मदापुरम में महाशिवरात्रि पर्व भक्तिभाव के साथ मनाया गया
एके एन न्यूज नर्मदापुरम। मप्र ही नहीं पूरे भारत वर्ष में सिर्फ मां नर्मदा की पावन नगरी नर्मदापुरम में महाशिवरात्री की शुभवेला में सातरस्ते पर शिव शक्ति मिलन का अनूठा अनुष्ठान पूर्ण श्रद्धा भक्ति उल्लास उमंग और उत्साह के साथ मनाया जाता है। जिसके साक्षी बनने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु उत्सुकता के साथ शामिल होते हैं।
आदिदेव महादेव काले महादेव की बारात पालकी यात्रा के साथ गाजे बाजे के सहित जब सतरस्ते पहुंचती है तो माता महामहाकाली और महादेव के जयकारे से पूरा सात रास्ते वाला परिसर गुंजायमान हो जाता है। मंदिर के सामने के सातों रास्ते खचाखच श्रद्धालुओं के जनसमूह से सरावोर हो जाता है।
यह आयोजन बीते करीब 5 वर्ष से सतरस्ता स्थित दक्षिणेश्वरी माता महाकाली दरबार के समक्ष हो रहा है। 3 वर्ष से भव्यता और विधिविधान से माता पार्वती स्वरूपा माता महाकाली को बीते नो दिनों से हल्दी चंदन, कुमकुम लगाते हुए श्रंगार किया जाता है। उधर दूसरी और बीते अनेक वर्षों से भगवान काले महादेव को भी महाशिवरात्रि की नौ रात्रि में हल्दी चंदन के उबटन व नाना प्रकार के द्रव्यों से श्रंगारित किया जाता है।
महाशिवरात्रि पर नर्मदा तट के सेठानी घाट स्थित काले महादेव परिसर से विशाल पालकी यात्रा बारात के रूप में निकाली जाती है, गोधूली बेला में पार्वती स्वरूपा माता महाकाली और महादेव के विवाहोत्सव की रस्म निभाई जाती है। माता महाकाली के हाथों से लगाकर पुष्प माला पालकी में विराजमान महादेव को अर्पित की जाती है। शिव शक्ति के मिलन के इस पुनीत पावन क्षण के साक्षी हजारों श्रद्धालु बनते हैं। पालकी यात्रा में शामिल श्रद्धाजु का माता महाकाली समिति के द्वारा पुष्प वर्षा कर वधु पक्ष के रूप में जोरदार स्वागत वंदन अभिनंदन किया जाता है।
मंदिर परिसर के हवन कुंड में दिव्य औषधियों से आहुतियां छोड़कर पाणिग्रहण के संस्कार की विधि की जाती है वरमाला अर्पित की जाती है। इस अवसर पर महादेव और माता महाकाली की आरती श्रद्धाभाव के साथ होती है।
पालकी में साफा बांधे महादेव लालजोड़े में माता महाकाली
ऐसा अद्भुत अलोकिक नजारा रहता है पालकी साफा बांधकर विराजमान, हाथी पर सवार होकर देवों के देव महादेव सतरस्ते पर जैसे ही पहुंचते हैं तव एक अलग ही अनुभूति होती है। सतरस्ते वाली माता महाकाली लाल जोड़े में दुल्हन बनी हुई हाथ में फूलों की माला लिए भोेले बाबा की प्रतीक्षा करती हुई नजर आती हैं।
इस मौके पर मंदिर के पुजारी आचार्य पं कृष्ण कुमार शुक्ला, पं आनंद शुक्ला के आचार्यत्व में पियूष शर्मा, जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे, नपाध्यक्ष नीतू यादव, पार्षद के साथ ही समिति के अध्यक्ष प्रकाश शिवहरे, पत्रकार बलराम शर्मा, समिति सदस्य प्रदीप शिवहरे नारायण वर्मा, सुनील राठौर, बसंत पांडेय, पवन शर्मा, नीरज मालवी, अतुल मौर्य, जयसिंह राजपूत, लकी ठाकुर, सोनू विश्वकर्मा, वरूण दीवान, नितिन मौर्य, उज्जवल सिंह, पियूष वर्मा, विनोद रैकवार, अशोक रैकवार, मयूर शिवहरे, नारी शक्ति में मधु शिवहरे, समता विनोदिया, शोभा भिलारे, क्षमता विनोदिया, बिनीता गढ़वाल, शीला रैकवार, रितु राठौर, मोनिका शिवहरे, कविता शिवहरे, विशाखा विनोदिया, सहित समिति के अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहें। साथ ही जनप्रतिनिधि, प्रशासन, पुलिस बल मौजूद रहता है।



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