एके एन न्यूज नर्मदा पुरम
समाज आगे आकर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति करे: प्रमुख जन गोष्ठी में बोले श्री भागैया जी
नर्मदापुरम। संघ शताब्दी वर्ष के निमित्त नर्मदापुरम नगर में प्रमुख जन गोष्ठी का आयोजन हैप्पी मैरिज गार्डन में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता पूजन से हुई तथा एकल गीत की प्रस्तुति दी गई। मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह भागैया जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज को इधर-उधर की बातों पर ध्यान न देकर राष्ट्र की सर्वांगीण उन्नति के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ का दृष्टिकोण स्पष्ट है। संघ किसी का विरोधी नहीं है, न ही कोई राजनीतिक दल है और न ही प्रतिक्रिया देने वाला संगठन है। संघ हिंसा में विश्वास नहीं करता तथा राम और कृष्ण के आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देता है।उन्होंने बताया कि संघ बड़ी कंपनियों के सहयोग से नहीं चलता, न पहले लिया और न आगे लेगा। संघ गुरु दक्षिणा के आधार पर स्वावलंबी रूप से संचालित होता है।
100 वर्षों की यात्रा का उल्लेख-
भागैया जी ने संघ की 100 वर्षों की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए संस्थापक केशव बलिराम हेडगेवार के जीवन प्रसंग सुनाए। उन्होंने बताया कि बाल्यकाल से ही हेडगेवार जी में राष्ट्रभक्ति की भावना प्रबल थी। महारानी विक्टोरिया के जन्मदिन पर वितरित मिठाई को अपमान समझकर न खाने तथा प्रतिबंध के बावजूद “वंदे मातरम्” का नारा लगाने के कारण उन्हें विद्यालय से निष्कासित किया गया।उन्होंने क्रांतिकारी आंदोलनों में भाग लिया तथा अंग्रेजी शासन के विरुद्ध उग्र भाषण देने के कारण एक वर्ष का कारावास भी भुगता।
समाज की एकता पर बल-
उन्होंने कहा कि हजार वर्षों की पराधीनता के पीछे समाज की आंतरिक कमजोरियाँ भी कारण रही हैं। विविध खान-पान, भाषाएँ और मान्यताओं के बावजूद हम सभी एक हैं—यह आत्मबोध जागृत करना आवश्यक है। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि अपने दोषों को दूर कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
विविध वर्गों की सहभागिता-
कार्यक्रम में उन्नत कृषक, गो-आधारित कृषि करने वाले किसान, बागवानी एवं औषधीय खेती करने वाले कृषक, गोपालक, डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, शिक्षक, कर्मचारी एवं अधिकारी, रामायण मंडल, भजन मंडल, गणेश उत्सव एवं दुर्गा उत्सव समितियों के प्रमुख, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि, उद्योगपति, व्यापारी, खिलाड़ी एवं विभिन्न संगठनों के प्रमुख उपस्थित रहे। विशेष रूप से भारतीय किसान संघ, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, विद्या भारती सहित अनेक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
मातृ शक्ति सत्र-
दूसरे सत्र में मातृ शक्ति के मध्य “पंच परिवर्तन” के अंतर्गत कुटुंब प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली, पर्यावरण संरक्षण एवं नागरिक शिष्टाचार जैसे विषयों पर विचार रखे गए। उपस्थित जनों के प्रश्नों के उत्तर सहज भाव से दिए गए। कार्यक्रम में मंचासीन सह सरकार्यवाह भागैया जी, जिला संघ चालक पवन अग्रवाल एवं सह जिला संघ चालक चंद्रविजय गोस्वामी उपस्थित रहे। अंत में “वंदे मातरम्” के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


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