मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
नर्मदा स्वच्छता अभियान की मशाल थामे मोना आनंद श्रीवास्तव और कायस्थ समाज, घाटों पर बिखरी सेवा की चमक
नर्मदापुरम।मां नर्मदा की महिमा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक दायित्व को केंद्र में रखकर अखिल भारतीय कायस्थ समाज द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान लगातार प्रेरणादायक स्वरूप लेता जा रहा है। विगत तीन-चार वर्षों से समाज के सदस्यों द्वारा स्थानीय चित्रगुप्त घाट सहित अन्य घाटों पर नियमित रूप से सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को भी समाज के पदाधिकारियों, मातृशक्ति एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने नर्मदा तट पर पहुंचकर सफाई की, पूजा सामग्री, फूल-मालाएं और अन्य कचरे को बाहर निकालकर एकत्रित किया तथा उसे सुरक्षित रूप से डस्टबिन में डाला।
इस अभियान का उद्देश्य केवल घाटों की सफाई करना ही नहीं, बल्कि आमजन को भी मां नर्मदा के प्रति श्रद्धा के साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक करना है। अभियान में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से सराहनीय रही, जिन्होंने निरंतर सेवा भाव से इस मुहिम को मजबूत बनाया है।
स्वच्छता अभियान में प्रमुख रूप से मोना आनंद कुमार श्रीवास्तव, जो रिटायर्ड टीचर हैं और वर्तमान में गुड़गांव, दिल्ली में निवासरत हैं, विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उनके साथ मंजू श्रीवास्तव, ज्योति वर्मा, प्रीति खरे, जानकी, ममता तिवारी, अनीता वर्मा, रश्मि वर्मा, सुमन वर्मा, अभय वर्मा, सी.बी. खरे, केशव देव वर्मा, विजय वर्मा, लालता प्रसाद, आदित्य, अशोक वर्मा, मनोज वर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मोना आनंद कुमार श्रीवास्तव ने अपने उद्बोधन में कहा कि मां नर्मदा केवल आस्था की धारा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और जीवन का आधार हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा तटों की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं और समाज के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि जब समाज एकजुट होकर किसी पुण्य कार्य के लिए आगे आता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव दूर तक दिखाई देता है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वच्छता अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सुंदर और संस्कारित वातावरण देने का सतत प्रयास है।
इस अवसर पर उपस्थित बैंक सेवानिवृत्त अधिकारी विजय वर्मा ने कहा मां नर्मदा की कृपा से ही जनजीवन पल्लवित और समृद्ध होता है। उन्होंने धार्मिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि स्कंद पुराण के अनुसार नर्मदा का प्रत्येक कंकड़ शंकर के समान पूजनीय है। यहां की लहरों में शांति, श्रद्धा और मुक्ति का भाव समाहित है, इसलिए इस पवित्र देव-नदी की गरिमा बनाए रखना हम सभी का धार्मिक और सामाजिक कर्तव्य है।
अखिल भारतीय कायस्थ समाज का यह सतत स्वच्छता अभियान न केवल घाटों की सुंदरता बढ़ा रहा है, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण, सेवा, सहभागिता और सांस्कृतिक चेतना की भावना को भी मजबूत कर रहा है।

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