पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही राजस्व, पुलिस और नगर परिषद द्वारा संयुक्त रूप से
की गई। एसडीएम सुश्री दिव्या पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि बुधवार को
करीब 0.170 हेक्टेयर शासकीय भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवाई गई है। जिसकी बाजार
के अनुसार कीमत लगभग 1.5 करोड़ रुपये है। कार्यवाही के दौरान एक 35 वर्षीय महिला
द्वारा कार्यवाही का विरोध किया गया। किसी मोबाइल धारक द्वारा वीडियो बनाकर
जहरीला पदार्थ खाने की अफवाह फैलाने की बात सामने आई है। जबकि ऐसा नहीं है
महिला द्वारा घबराहट की स्थिति देखते हुए विरोध न बढ़े इसलिए महेश्वर अस्पताल न
ले जाते हुए मण्डलेश्वर अस्पताल लाया गया। डॉ. किरण वर्मा ने उपचार किया। लेकिन
जहरीला पदार्थ खाने जैसे कोई लक्षण नहीं पाए गए। महिला को ग्लूकोज पिलाकर घर
भेजा गया। उसका स्वास्थ्य ठीक है। बीएमओ महेश्वर श्री अजय सेंगर ने बताया कि
के पति ने बताया कि यूरिया नहीं चावल खाये है।
अस्पताल से लौटने के बाद महिला
अपने घर के कार्यों में व्यस्त हो गई।हथकरघा विभाग
को आवंटित है भूमि
आगे जानकारी देते हुए एसडीएम सुश्री पटेल ने बताया
कि जिस भूमि पर अतिक्रमण
किया गया था। यह भूमि वर्ष 2019 में जिला हथकरघा
कार्यालय और कुटीर एवं
ग्रामोद्योग को आवंटित की गई थी। यह भूमि कुटीर
एवं ग्रामोद्योग विभाग जिला हथकरघा कार्यालय एवं
प्रशिक्षण केंद्र को आवंटित की गई है। अब इन भूमि
पर श्री संत रविदास मध्यप्रदेश हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम का
कार्यालय, सामान्य सुविधा केंद्र, लगभग 20 हैंडलूम, दुकान, यान डिपो, टेस्टिंग लैब आदि का
निर्माण होगा। जिसके लिए विभाग को 29 लाख रुपये का आवंटन किये गए है। इसके
लिए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा
को इसके लिए निर्माण एजेंसी तय किया गया है। अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी
किए गए थे।
फोटो- 797 से 798 (उपचार के बाद महिला क्रांति स्वस्थ होकर अपने घर पर कार्य करती हुई।)
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