*श्री कृष्ण के विरह में गोपीया रोंई भगवत दर्शन के लिए*
नर्मदा पुरम । माँ ललिता आश्रम में आयोजित श्रीमद् भागवत अष्टोत्तरशत संगीतमय भागवत कथा के षष्टम दिवस पर ब्रह्मवेदामृत पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी श्री श्री 1008 श्री विश्वेश्वरानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण के विरह में भगवान श्रीकृष्ण को प्राप्त करने के लिए रोंई यह प्रसंग हमें जीवन में शिक्षा प्रदान करता है कि हमें परमात्मा को प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए हम लोग जब देखो जब भगवान के सामने सांसारिक वस्तुओं को प्राप्त करने का प्रयास करते रहते हैं जबकि हमें प्रभु को पाने का प्रयास करना चाहिए फिर भगवान की प्राप्ति हो गई तो सहज ही प्राप्त जाएगा इसलिए हर ग्रहस्त को नित्य अपने घर पंचदेव उपासना करना चाहिए गौ सेवा अग्निहोत्र ब्राह्मण सेवा संतों की सेवा अतिथि की सेवा करना चाहिए हर घर में मां तुलसी का स्थान होना चाहिए हर घर में बच्चों को स्नेह प्राप्त होना चाहिए महारास की कथा को श्रवण कराया गोपेश्वर महादेव का महत्व बताया साथ ही अनेकानेक प्रसंग श्रवण कराते हुए रुकमणी मंगल महोत्सव को धूमधाम से उपस्थित श्रद्धालुओं ने मनाया प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित रामस्वरूप शर्मा जी ढाबा कला वालों ने भी आशीर्वाद प्रदान किया 121 ब्राह्मणों का सर्व ब्राह्मण समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष श्री जितेंद्र ओझा जी दिनेश तिवारी जी अनीता दुबे जी आशा दुबे जी मणि तिवारी जी सौरव शुक्ला जी ने अंग वस्त्र पुष्प माला से सम्मान किया विशेष रूप से पूर्व विधायक श्री राजेंद्र सिंह राजपूत कलेक्टर महोदय श्री नीरज सिंह जी डॉक्टर श्री राजेश शर्मा नर्मदा अपना अस्पताल डॉक्टर भास्कर गुप्ता डॉक्टर आशुतोष शर्मा संघ से नगर कार्यवाहक डॉक्टर मोटवानी जी जनपद अध्यक्ष भूपेंद्र चौकसे श्री अरुण शर्मा स्वामी राशेश्वर चैतन्य जी गौरी शंकर खंडेलवाल डीएस डांगी श्रीमती बंदना पारे श्याम नायक जी उमाशंकर चौबे महेश शर्मा टिमरनी जनपद अध्यक्ष राजेश कलम राकेश यादव गौरीशंकर वशिष्ट गिरी मोहन गुरु जगदीश नवलानी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

No comments:
Post a Comment