शहरी साख सहकारी संस्थाओं को आरबीआई का लाइसेंस नहीं
राशि जमा कराने से पहले रखें सावधानी
नर्मदापुरम / शहरी साख सहकारी संस्थाओं द्वारा केवल अपने सदस्यों से ही अमानते प्राप्त किया जाना तथा उन्हें आवश्यकता अनुसार ऋण दिया जाना प्रावधानित है। ये संस्थाएं बैंकिंग कार्य के लिए भारतीय रिजर्व बैंक से लाइसेंस प्राप्त न होने से उक्त संस्थाओं में जमा अमानत बीमित नहीं है। सहकारिता उपायुक्त ने बताया ऐसी संबंधित शहरी साख (क्रेडिट) मल्टीस्टेट क्रेडिट सोसायटी आमजन राशि जमा करने से पूर्व जमा राशि की सुरक्षितता के बारे में पर्याप्त सावधानी रखे। शहरी साख संस्थाऐं उनके सदस्यों द्वारा ही शासित एवं संचालित है। उक्त संस्थाओं में जमा राशि संबंधित सदस्यों या अन्य व्यक्तियों को प्राप्त न होने की स्थिति में सहकारिता विभाग के किसी भी अधिकारी का कोई दायित्व नहीं है। आयुक्त सहकारिता म.प्र. द्वारा सहकारिता विभाग के सभी जिला अधिकारियों को इस संबंध में सूचित किया गया है।
उपायुक्त ने बताया आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं म.प्र. भोपाल द्वारा जारी निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में अवगत कराया कि शहरी साख संस्थाऐं अपने सदस्यों के प्रति अर्थात आमसभा के प्रति उत्तरदायी होती है। इन संस्थाओं के दिन प्रतिदिन के कार्य संचालन में सहकारिता विभाग का कोई सीधा हस्तक्षेप नहीं रहता है। संस्था संचालक मंडल द्वारा सदस्यों के हित में संस्थाओं की पंजीकृत उपविधियों एवं संस्थाओं के संचालन के लिए बनाई नीतियों के अनुरूप कार्य किया जाता है। सदस्य जमाकर्ताओं को परामर्श दिया जाता है वह अपनी रिस्क पर शहरी साख संस्थाओं में राशि अमानत व अन्य रूप में जमा कराए। सदस्यों की राशि की अदायगी में विभागीय शासन के विभाग दायित्वाधीन नहीं है। सदस्य या गैर सदस्य ऐसी संस्थाओं द्वारा संचालित प्रलोभनकारी योजनाओं, अधिक ब्याज दर के लालच में न पड़े।
मनोज सोनी की रिपोर्ट
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