क्षत्रिय मराठा नवनिर्माण सेना ने भक्ति भाव के साथ मनाई शिवाजी महाराज की जयंती छत्रपति शिवाजी कुशल प्रशासक और मार्गदर्शक रहे हैं-कमल राव चव्हाण - AKN News India

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Sunday, 19 February 2023

क्षत्रिय मराठा नवनिर्माण सेना ने भक्ति भाव के साथ मनाई शिवाजी महाराज की जयंती छत्रपति शिवाजी कुशल प्रशासक और मार्गदर्शक रहे हैं-कमल राव चव्हाण




 क्षत्रिय मराठा नवनिर्माण सेना ने भक्ति भाव के साथ मनाई शिवाजी महाराज की जयंती 

 छत्रपति शिवाजी कुशल प्रशासक और मार्गदर्शक रहे हैं-कमल राव चव्हाण

नर्मदापुरम। पूर्व वर्षों की तरह  क्षत्रिय मराठा नवनिर्माण सेना के द्वारा रविवार को शिवाजी चौक पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती भक्ति भाव के साथ उत्साह समारोह पूर्वक मनाई गई। उत्साह और उमंग के साथ संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। वैदिक मंत्रों के द्वारा पूजन अर्चन करने के साथ ही शिवाजी महाराज के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित की गई। और शिवाजी महाराज अमर रहे का जयघोष किया गया। इस मौके पर समाजसेवी कमल चव्हाण ने छत्रपति शिवाजी के जीवनवृत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सच्चे अर्थों में महाराज क्या होते  यह खूबी शिवाजी महाराज में थी। तभी तो देश उन्हें शिवाजी महाराज के नाम से जानता है। देश की प्रजा को किस प्रकार खुश रखा जाए यह विशेषता छत्रपति शिवाजी महाराज में थी। यह बात तो सभी जानते हैं कि शिवाजी महाराज एक महान देशभक्त और कुशल प्रशासक रहे। उनकी वीरता के किस्से पूरा देश ही नहीं विश्व जानता है।

विकास आगौन ने कहा कि मुगलों की सेना के साथ शिवाजी माराज ने जमकर संघर्ष किया था। मुगलों को हराकर सिंहगढ़ के किले पर अपना परचम लहराया था। इसके बाद 1674 में उन्होंने ही पश्चिम भारत में मराठा साम्राज्य की नींव रखी थी। शिवाजी महाराज ने भारत में एक आदर्श प्रस्तुत किया है।

समाजसेवी सुशीला बाइसकर ने कहा कि छत्रपति शिवाजी वीर पुरूष थे। उनका जन्म 19 फरवरी 1630 में शिवनेरी दुर्ग में हुआ था। शिवाजी के पिता शाहजी भोसले सेना में सेनापति थे। उनकी माता जीजाबाई धार्मिक स्वभाव वाली महिला थी। बचपन से ही शिवाजी का पालन.पोषण धार्मिक ग्रंथ सुनते सुनते हुआ था। उनके अंदर बचपन में ही शासक वर्ग की क्रूर नीतियों के खिलाफ लड़ने की ज्वाला जाग गई थी। उन्होंने वीरता का परिचय दिया।  उहाेंने अपने राज काज में फारसी की जगह मराठी और संस्कृत को अधिक प्राथमिकता दी थी। उन्होंने कई सालों तक मुगल शासक औरंगजेब से लोहा लिया था।

इस मौके पर विकास आगोन, प्रकाश मराठा, बसंत  शिर्के, वरिष्ठ समाजसेवी सुशीला बाइसकर, सुशीला चव्हाण, कमल राव चव्हाण, विमल राव चव्हाण, विजय हरणे, संतोष मराठा, दीपक राव चव्हाण, अनसुईया चव्हाण, उज्वला चव्हाण,मानसी चव्हाण, विद्या,शिवांगी, मनीष परदेशी,  आत्माराम यादव,रोहित बाघमारे, संदीप, संजय सिंधे आदि अनेक सामाजिक लोग तथा नन्हें मुन्हें  बच्चे भी शामिल हुए।

मनोज सोनी की रिपोर्ट

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