अर्द्धनारीश्वर की पूर्ण अवधारणा की प्रतीक भारतीय नारी
खुश रहने के लिए शारीरिक, मानसिक स्वास्थ्य के साथ आध्यात्मिक स्वास्थ्य पर भी जोर दें महिलाएं - ड्रा. स्वप्ना ठाकुर
जिस घर में स्त्रियों का सम्मान होता है वहां स्वयं ईश्वर का वास होता है - दुर्गा भदौरिया
नर्मदा पुरम। मातृशक्ति जागरण मंच नर्मदापुरम द्वारा 21 फरवरी को मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मालाखेड़ी बाबई रोड स्थित रेड क्लिफ स्कूल में मातृशक्ति जागरण मंच नर्मदापुरम की जिला संयोजिका श्रीमती सविता राजपूत जी द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में दुर्गावाहिनी प्रांत संयोजिका एवं तरूणी आयाम प्रांत प्रमुख श्रीमती सत्कीर्ति राणे महिला दिवस का अर्थ महिलाओं की वर्तमान स्थति पर चिंतन करना आवश्यक नई पीढ़ी की युवतियां आधुनिक होने के साथ साथ भारतीय जीवन मूल्यों का भी अनुसरण कर उनके नई पीढ़ी में संस्कार देने के लिए तैयार हो देश की महिलाएं हर दिन बुलंदियों को छू रही हैं और दूसरी ओर कही आत्महत्या, अवसाद, पारिवारिक कलह, बलात्कार, तलाक जैसी कई सामाजिक समस्यायों की शिकार हैं सभी को एक धारा में लाने के लिए शक्ति जागरण का कार्य मातृशक्ति जागरण मंच की बहिनों द्वारा करने का प्रयास करेंगे ऐसा संकल्प लिया । विभाग सह संयोजिका आरती शर्मा ने बताया, अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पखवाड़ा के रूप में मनाया जाता है इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में डॉ सुश्री स्वप्ना ठाकुर दीदी ने महिलाओं के स्वास्थ्य को और दिनचर्या के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।किशोरी आयाम विभाग प्रमुख दुर्गा भदौरिया जी ने कहा महिलाओं को अपने बच्चों को संस्कारी बनाने के लिए अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए अपने स्वयं की दिनचर्या में सुधार लाना होगा। इसके अतिरिक्त किशोरी आयाम जिला प्रमुख श्रीमती स्मिता तोमर ने राष्ट्रभक्ति गीत प्रस्तुत किया नीलू राठौर द्वारा प्रेरित पंक्तियां कहीं गईं,सह प्रमुख शैल चौहान, जिला सह संयोजक श्रीमती मीना तोमर, मातृशक्ति जागरण मंच की सहयोगी श्रीमती ज्योति राजपूत एवं रेखा भदौरियाजी सभी ने चन्दन तिलक और पुष्प वर्षा से कार्यक्रम में पधारी सभी महिलाओं का स्वागत किया। कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होलकाष्टक भी मनाया।
मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
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