सरकारी चना चोरी का मामला-एक सप्ताह बाद भी जांच नहीं हुई पूरी, रिपोर्ट सौंपने में देरी होना जनचर्चा का विषय बनी दोषियों पर होना थी कार्यवाही , कलेक्टर के आदेश भी वेअसर कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई थी टीम - AKN News India

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Wednesday, 13 March 2024

सरकारी चना चोरी का मामला-एक सप्ताह बाद भी जांच नहीं हुई पूरी, रिपोर्ट सौंपने में देरी होना जनचर्चा का विषय बनी दोषियों पर होना थी कार्यवाही , कलेक्टर के आदेश भी वेअसर कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई थी टीम



 


सरकारी चना चोरी का मामला-एक सप्ताह बाद भी जांच नहीं हुई पूरी, रिपोर्ट सौंपने में देरी होना जनचर्चा का विषय बनी 


दोषियों पर होना थी कार्यवाही , कलेक्टर के आदेश भी वेअसर 
कलेक्टर के निर्देश पर गठित हुई थी टीम


 नर्मदापुरम | सिवनी मालवा।
सिवनी मालवा तहसील में शनिवार रात मीरा वेयर हाउस से शासकीय चने की चोरी के मामले में एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी अभी तक अनाज चोरी के मामले में प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है उक्त बात संभागीय मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है। 

सूत्रों की बात माने तो उक्त अनाज व्यापारी स्थानीय स्तर पर कुछ छुटभईया नेताओ का संरक्षण होना बताया जा रहा है। इसी के चलते कुछ अफसर कार्यवाही करने में कतरा रहे है अब पूरा मामला बड़े अफसर के हाथ में है। अफसर ईमानदार है इसलिए उम्मीद भी कायम है । अब देखना यह है कि इस मामले में उक्त व्यापारी के खिलाफ क्या कार्यवाही होती है । मालूम हो कि अभी तक जांच नहीं हो पाई है। चना चोरी के मामले के लिए कलेक्टर ने जिला स्तरीय टीम का गठन किया था। जिसमें डीएसओ ज्योति जैन, उपसंचालक कृषि जे.आर. हेडाऊ, डीएमओ देवेन्द्र यादव, वेयर हाउस जिला प्रबंधक नगीन वर्मा को रखा गया है। जिन्होंने रविवार को देर रात तक वेयर हाउस में जांच की। जिसकी जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाना थी परन्तु अब तक जांच रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। इतना समय बीत जाने के बाद भी अधिकारी इस मामले में कछुआ चाल की तरह रिपोर्ट बनाने में देरी लगा रहे है।

इनका कहना

कलेक्टर सोनिया मीना के निर्देश पर टीम का गठन किया गया था। टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार की है, जिसे कलेक्टर को सौंपा जाएगा। सोमवार को टीएल की बैठक होने के चलते आगे की कार्रवाई नहीं की जा सकी। साथ ही मंगलवार को जनसुनवाई होने के चलते कार्रवाई नहीं हो पाई है।

नगीन वर्मा 
वेयरहाउस जिला प्रबंधक 

वेयरहाउस में स्कन्द भंडारण की हुई थी गिनती
आपको बता दें की जांच करने आये कृषि विभाग के उपसंचालक जे आर हेडाऊ ने बताया था अब तक हुई जांच में वेयर हाउस में जो स्कन्द भंडारित है उसकी गिनती की गई है। चना स्कन्द के अतिरिक्त अवैध रूप से शासकीय अनुबंधित वेयर हाउस में लगभग 1316 बोरी पाई गई थी, जिसकी जब्ती वेयर हाउस के जिला प्रबन्धक से करवाई गई है। रविवार की कार्रवाई के बाद सोमवार और मंगलवार को टीम सिवनी मालवा नहीं पहुंची। जिसका कारण अन्य विभागीय कार्यों की व्यस्तता होना बताया जा रहा है। जबकि टीम को जांच कर रिपोर्ट देते हुए दोषियों पर एफआईआर करवाना था। 2 दिनों तक कार्यवाही नहीं होना कई सवालों को जन्म दे रहा है तो वहीं दूसरी तरफ शहर में जगह-जगह जनचर्चा का विषय बनी हुई है।


व्यापारी के खिलाफ नहीं हुई कार्यवाही खुलेआम घूम रहा व्यापारी राजनैतिक संरक्षण 

व्यापारी खुलेआम घूम रहा है। सरकारी अनाज को किस तरीके से बचाया जा रहा था इसके लिए कलेक्टर ने पूरे मामले को संज्ञान लिया। अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। टीम भी गठित की गई । टीम ने जांच भी की लेकिन सब लीपा पोती कर इति श्री कर ली गई है। बताया जाता है कि उक्त व्यापारी को कुछ तथा कथित राजनीतिक लोगों का संरक्षण प्राप्त है, इसलिए अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा रही है जबकि सरकार का अनाज इतनी बड़ा कारोबार इतनी बड़ी कार्रवाई कुछ नहीं हो पा रही है। जनचर्चा यह है कि इस मामले में बताया जाता है कि कुछ लेनदेन की बात भी सामने आ रही है । वहीं इस मामले में स्थानीय स्तर पर कुछ खबर नफीसों को भारी भरकम रकम देने की बात भी सामने आई है। बात में कितनी सच्चाई है यह तो तथाकथित ही बता पाएंगे किसने कितनी राशी कहां-कहां कौन-कौन सी जगह बंदर बांट हुई है।


यह था पूरा मामला

सिवनी मालवा तहसील में मिट्टी के ट्रकों की खेप लगातार हो रही थी। स्थानीय व्यापारी चने में मिट्टी मिला कर रातों रात मालामाल हो रहे थे। पूरे मामले का पता तब चला जब शासकीय टैग लगी चने की बोरिया मीरा एसोशिएट वेयर हाउस से चोरी कर ट्रकों में भरी जा रही थी। चर्चा यह है कि इस बात कि भनक प्रशासन को लग गई, तत्काल मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम को देखते ही व्यापारी सहित ट्रक ड्राइवर, हैल्पर मौके से भाग खड़े हुए। इसके बाद एसडीएम प्रमोद सिंह गुर्जर ने वेयर हाउस , संचालक सचिन मोदी को मौके पर बुलाया और देर रात दो ट्रकों को पुलिस थाने में लाकर वेयर हाउस कार्पोरेशन के अधिकारियों ने पुलिस अभिरक्षा में खड़ा किया था। मीरा एसोसिएट वेयर हाउस है, जिसके मालिक सचिन मोदी है।

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