झोलाछाप डाक्टर के गलत इलाज से बच्ची की जान पर बन आई, प्राइवेट हॉस्पिटल में हुआ इलाज गलत इंजेक्शन और गोली देने से बिगड़ी थी तबीयत डोलरिया के सेमरी खुर्द का मामला - AKN News India

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Sunday, 18 August 2024

झोलाछाप डाक्टर के गलत इलाज से बच्ची की जान पर बन आई, प्राइवेट हॉस्पिटल में हुआ इलाज गलत इंजेक्शन और गोली देने से बिगड़ी थी तबीयत डोलरिया के सेमरी खुर्द का मामला


 

झोलाछाप डाक्टर के गलत इलाज से बच्ची की जान पर बन आई, प्राइवेट हॉस्पिटल में हुआ इलाज

गलत इंजेक्शन और गोली देने से बिगड़ी थी तबीयत

डोलरिया के सेमरी खुर्द का मामला


डोलरिया/नर्मदापुरम। । शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई करने के मामले में मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग इन पर अंकुश नहीं लगा पा रहा है। यह बात संभागीय मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है। बिना डिग्री- डिप्लोमा के झोला छाप डाक्टर मरीजों की जान से सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं। इस तरह का ताजा मामला सेमरी खुर्द का है, जहां एक बंगाली डॉक्टर ने 9 साल की बच्ची पायल दामड़े को गलत दवा और इंजेक्शन दे दिया, जिसके कारण बच्ची की अत्यधिक हालत खराब हो गई थी। वहीं दामड़े परिवार ने बंगाली डॉक्टर के इलाज के बाद वह पास में ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेें ले गए जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल भेज दिया था जहां बच्ची का उपचार किया जा रहा था। इसी बीच बच्ची की हालत ज्यादा बिगडऩे पर उसे प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। जहां आईसीयू वार्ड में इलाज किया जा रहा है। इस संबंध में बच्ची के पिता ने डॉक्टर बंगाली को दूरभाष पर बुलाकर सारी बातों से अवगत कराया तो बंगाली डॉक्टर ने बच्ची के इलाज का खर्च उठाने का लालच देकर बच्ची के परिवारजनों को शिकायत करने से रोक दिया। 

स्टांप पेपर पर लिखवा रहे हैं बयान

इस पूरे मामले में जब बच्ची की तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया तो झोलाछाप डॉक्टर ने बच्ची का इलाज एक प्राइवेट हॉस्पिटल में कराया । इसका खर्चा भी डॉक्टर ने उठाया।  बच्ची ठीक हो गई है रिपोर्ट नॉर्मल है और उसे डिस्चार्ज कर दिया गया है । लेकिन अब  झोलाछाप डॉक्टर द्वारा नोटरी पर बच्ची के माता-पिता के बयान लिखवाया जा रहे हैं कि अब उनकी कोई जवाबदारी नहीं होगी । उन्होंने इलाज करवा दिया है। डॉक्टर और उनकी पुत्री का कहना है कि हमारे क्लीनिक में इलाज होने से बच्चे की तबीयत बिगड़ी थी तो हमने प्राइवेट इलाज कराया। सारी रिपोर्ट नॉर्मल आई है। बच्ची को डिस्चार्ज कर दिया इसके बाद यदि बच्ची को कुछ होता है तो उसकी जवाबदारी हमारी नहीं रहेगी। इसलिए उनसे लिखवाया जा रहा है।

पिता का कहना था की बच्ची का इलाज सही होना चाहिए

बच्ची पायल दामड़े जो की डोलरिया के निवासी हैं और सेमरी स्टेशन डोलरिया के पास एक बंगाली डॉक्टर जो स्वयं और उनकी बेटी भी इलाज करती हैं वहां अपनी बच्ची को लेकर गए थे । निमोनिया की गलत गोली देने के कारण उनकी बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। बच्ची के पिता आलोक का कहना है कि मेरी बच्ची की तबीयत अब ठीक है। 

डॉक्टर ने कहा गलत इलाज हुआ

जब बच्ची की तबीयत बिगड़ी तो उसके पिता उन्हें डोलरिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र ले गए जहां डॉक्टर ने उनका इलाज किया तो उन्होंने बताया कि बंगाली डॉक्टर ने गलत इलाज कर दिया। उसे निमोनिया की गलत गोली दे दी है। आप इसका इलाज प्राइवेट अस्पताल में करवाएं या सरकारी अस्पताल में करवाएं ।

इनका कहना

सेमरी में डॉ बंगाली ने मेरी बच्ची को इंजेक्शन लगाया था और गोली दी थी जिसके कारण मेरी बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब हो गई उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती किया लेकिन बच्ची की  तबीयत में कोई सुधार नहीं आने पर उसे डॉ बंगाली के कहने से निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया।

आलोक दामड़े डोलरिया



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