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Friday, 2 August 2024

खेत के सीमांकन के लिए बरसों से भटक रहा किसान, आत्महत्या के लिए हूं मजबूर हैं किसान



खेत के सीमांकन के लिए बरसों से भटक रहा किसान, आत्महत्या के लिए हूं मजबूर हैं किसान 


नर्मदा पुरम। जिला मुख्यालय के समीपस्थ ग्राम डोलरिया में किसान अपने खेत के सीमांकन को लेकर पिछले 5 सालों से भटक रहा है। गौरतलब है कि किसान ने सीएम हेल्पलाइन से लेकर जनसुनवाई और कलेक्टर कमिश्नर सहित वरिष्ठ अफसरों तक को इस बात से अवगत करा चुका है लेकिन फिर भी दबंगों के सामने उसकी नहीं चल पाई। और तो और ना तहसीलदार ध्यान दे रहे हैं ना ही पटवारी।

 मालूम हो कि शासन द्वारा राजस्व महाभियान भी चलाया लेकिन उसमें भी इसका निराकरण नहीं हुआ। सालों से खेत का सीमांकन करने के लिए आवेदन लिखित और मौखिक दिया, लेकिन जमीन का सीमांकन अब तक नहीं हो सका है। कलेक्टर के कहने से पटवारी गए लेकिन मौके पर जाकर यह टालमटोली कर आ गये। किसान का कहना है कि अब मैं आत्महत्या करने के लिए मजबूर हूं। मुझे प्रशासन की तरफ से कोई मदद नहीं मिल रही है। वहीं किसान डॉ देवेन्द्र सिंह परिहार ने बताया कि विगत तीन सालों से सीमांकन के लिए डोलरिया तहसीलदार को आवेदन देते आ रहा हूं लेकिन आज दिनांक तक मेरी जमीन का सीमांकन नहीं हुआ। इसके लिए कमिश्रर , कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को अनेकों बार आवेदन किया है। वहीं मुख्यमंत्री हेल्प लाईन में भी शिकायत कर चुका हूं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। डोलरिया क्षेत्र में ऐसे सैंकड़ों किसान है जिनकी जमीन का सीमांकन कराने के लिए तहसीलदार पटेल को आवेदन दे चुके है लेकिन सीमांकन नहीं किया जा रहा है । 

सीमांकन में अड़चन डाल रहे दबंग

गांव के कुछ दबंगों ने जिनकी जमीन आसपास है गरीब किसान की जमीन दबा ली है। सीमांकन नहीं होने दे रहे हैं । किसान का कहना है कि मैंने तहसील में अनेकों बार सीमांकन के लिए आवेदन दिए लेकिन कोई  सीमांकन करने आर आई , पटवारी नहीं जाता। जो दबंग लोग हैं उनके प्रभाव के कारण यह बैरंग लौट गए । किसान की जमीन 9 एकड़ है उसके बाजू में ही चार एकड़ जमीन दबंग लोगों ने दबा रखी है। वे प्रभावशाली है कि उनकी पहुंच सत्ता पक्ष से कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधियों से है  इसलिए किसान की जमीन का सीमांकन नहीं होने देते हैं । कलेक्टर ने किसान की जमीन का सीमांकन कर सूचित करने की बात आर आई ,पटवारी से कही थी तो उन्होंने कलेक्टर को कहा कि हमने सीमांकन किया है कुछ जगह दबाई है। इसके बाद आज तक जमीन पर सीमांकन करने नहीं गए ।  

इनका कहना

इस संबंध में तहसीलदार डोलरिया अनिल पटेल के मो. नं. पर 8359046740 से संपर्क चाहा तो उन्होंने मोबाईल रिसीव नहीं किया ।

अनिल पटेल 

तहसीलदार डोलरिया

इनका कहना

तहसीलदार डोलरिया अनिल पटेल, कलेक्टर को भी सीमांकन के लिए आवेदन कई बार दे चुका हूं और सीएम हेल्प लाईन में भी शिकायत की गई है। तहसीलदार द्वारा शिकायत वापिस लेने के लिए भी मुझे दबाव बनाया जा  रहा है लेकिन मेरी जमीन का सीमांकन नहीं हुआ अब आत्महत्या करने के लिए मजबूर हूं।

लीलाधर सिंह राजपूत

किसान डोलरिया

पिछले तीन सालों से सीमांकन के लिए डोलरिया तहसीलदार को आवेदन देते आ रहा हूं लेकिन आज दिनांक तक मेरी जमीन का सीमांकन नहीं हुआ। इसके लिए कमिश्नर ,कलेक्टर सहित अन्य अधिकारियों को भी अनेकों बार आवेदन दें चुका हूं ।

डॉ देवेन्द्र सिंह परिहार 

डोलरिया


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