सेवा सहकारी केंद्रीय मर्यादित समिति में लाखों रुपए का गबन, किसानों की गाड़ी कमाई में किया 36 लाख का घपला, मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बना समिति सहायक पर 36 लाख रुपए विभिन्न शाखाओं से लोन, वेतन राशि के गबन का आरोप नियम के अनुसार होना चाहिए एफआईआर लेकिन दिया नोटिस - AKN News India

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Monday, 24 March 2025

सेवा सहकारी केंद्रीय मर्यादित समिति में लाखों रुपए का गबन, किसानों की गाड़ी कमाई में किया 36 लाख का घपला, मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बना समिति सहायक पर 36 लाख रुपए विभिन्न शाखाओं से लोन, वेतन राशि के गबन का आरोप नियम के अनुसार होना चाहिए एफआईआर लेकिन दिया नोटिस

 


सेवा सहकारी केंद्रीय मर्यादित समिति में लाखों रुपए का गबन, किसानों की गाड़ी कमाई में किया 36 लाख का घपला, मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बना 

समिति सहायक पर 36 लाख रुपए विभिन्न शाखाओं से लोन, वेतन राशि के गबन का आरोप 

नियम के अनुसार होना चाहिए एफआईआर लेकिन दिया नोटिस

 

नर्मदापुरम। सेवा सहकारी केंद्रीय मर्यादित समिति बिसोनी कलां में किसानों की गाड़ी कमाई में गबन किए जाने का मामला सामने आया है। लाखों रुपए की राशि सहकारी केंद्रीय मर्यादित समिति के समिति सहायक सतीश यादव द्वारा विभिन्न शाखाओं से लोन और वेतन में हेरा फेरी कर गबन की गई है। लेकिन इस मामले में बैंक ने समिति सहायक को केवल नोटिस देकर इतिश्री कर ली है , जबकि इस मामले में नियम अनुसार एफआईआर दर्ज होना चाहिए। यह बात संभागीय मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

सूत्रों की माने तो समिति में पदस्थ सहायक सतीश यादव ने लगभग 36, 34281 लाख रुपए की राशि का गबन विभिन्न शाखाओं से लोन ,वेतन आदि से किया है। इस मामले में संबंधित को नोटिस भी जारी किए हैं और वसूली के भी आदेश दिए हैं। लेकिन अब सवाल इस बात का है कि समिति प्रबंधक ने लगभग 36 लाख रुपए से अधिक का घपला घोटाला किया है और उस पर अभी तक बैंक प्रबंधक ने कोई कार्रवाई नहीं की जबकि नियम के अनुसार संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज होना चाहिए था। बैंक ने मात्र नोटिस देकर वसूली के आदेश दिए हैं लेकिन आदेश होने के बाद भी इन्होंने आज तक एक रुपए भी सेवा सहकारी समिति में नहीं जमा किए हैं । किसानों की गाड़ी कमाई का पैसा में घपला घोटाला किया है।‌ वहीं इधर नोटिस देकर सिर्फ वसूली के आदेश बैंक दे रही है।

जिला सहकारी समितियां घपले घोटाले में हैं बदनाम

जिला सहकारी समितियां घपले घोटाले के लिए नर्मदा पुरम ही नहीं पूरे प्रदेश में बदनाम है ।ऐसा ही एक मामला ग्राम बिसोनी कलां का है। यहां समिति सहायक सतीश यादव ने किसानों से कई ऋण योजनाओं में लाखों रुपए का घोटाला किया है । सतीश यादव पर तत्काल एफआईआर दर्ज होना चाहिए, लेकिन स्थानीय राजनीतिक संरक्षण के कारण सतीश यादव पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें कि बैंक प्रबंधन इसमें हीलाहवाली कर रहे हैं। 

लाखों के घोटाले पर तुरंत होना चाहिए कार्यवाही 

सूत्रों की माने तो समिति या बैंक द्वारा कोई अधिकारी यदि लाखों का घोटाला करता है तो उस पर तुरंत कार्रवाई होना चाहिए लेकिन बिसोनी कलां में इतना बड़ा घपला घोटाला होने के बाद भी बैंक प्रबंधक द्वारा सतीश यादव पर कोई कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है। नियम के अनुसार ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई होना चाहिए ।

ऐसे हुए राशि की हेरा फेरी, इनसे होना है वसूली

ऑडिट अंकेक्षण रिपोर्ट 2016-17 के चलते उपायुक्त सहकारिता द्वारा 22 नवंबर 2024 को आदेश क्रमांक ईआरडी/ एचबीडी/ 58बी/ 2018/ 0000 10 से पारित आदेश मुख्य कार्यपालन अधिकारी इस आदेश क्रमांक स्थानीय /स्था/ 2024 25/ 2500  16 जनवरी 2025 को पूर्व समिति प्रबंधक से गबन राशि 36,34281 रुपए वसूले जाए। इनमें प्रेम नारायण तिवारी प्रभारी शाखा प्रबंधक 200123 4 , श्री हरि मोहन गुर्जर अध्यक्ष समिति बिसोनी कलां राशि 877656, श्री विष्णु प्रसाद प्रभारी पर्यवेक्षक राशि 86383 1, रजनीश यादव विक्रेता सभी 262534 रुपए रिकवरी के आदेश किए गए हैं। इस दबंग समिति सहायक द्वारा इतनी राशि के गबन के बाद यह खुलेआम बेफिक्र घूम रहे हैं। यह बात शहर के चौक चौराहों पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों की माने तो सबसे मजेदार बात यह है कि ऐसे घोटालेबाज कर्मचारी समिति से वेतन भी प्राप्त कर रहे हैं।


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