मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
कौशल विकास कार्यशालाओं का हुआ समापन
दो हजार से अधिक विद्यार्थियों को दो दर्जन विधाओं की मिली जानकारी
नर्मदापुरम। स्थानीय समेरिटंस इंग्लिश मीडियम स्कूल सांदीपनी परिसर विद्य़ालय मेें करीब 15 दिनों तक चली कौशल विकास कार्यक्रम कार्यशालाओं का मंगलवार को समापन हुआ। इस दौरान विद्यालय द्वारा करीब दो दर्जन विभिन्न व्यावसायिक विषयों की कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। जिनमें विषय के विशेषज्ञों ने बच्चों को विषयों की बारीकियों के सहित उन्हें कॅरियर के रूप में अपनाने की आवश्यक जानकारियां और सलाह भी दी। इन कार्यशालाओं में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक के दो हजार से अधिक बच्चे लाभान्वित हुए।
इस संबंध में विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रेरणा रावत ने बताया कि सीबीएसई द्वारा बच्चों को स्वावलंबी बनाने और उन्हें रोजगार मूलक कार्यक्रमों से जोड़ने के लिए विशेष योजना तैयार की गई है। सीबीएसई के निर्देषों के अनुसार दिसम्बर माह में बच्चों को रोजगारमूलक कार्यक्रमों की जानकारी देने के लिए विभिन्न कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। विद्यालय में दो दर्जन से अधिक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इसके लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों से विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित कर बच्चों को आधारभूत जानकारियां दी गई और उन्हें प्रशिक्षित किया गया।
उन्होंने बताया कि इन कार्यशालाओं में मोती उत्पादन, मशरूम की खेती, हाइड्रोफोनिक खेती, फैशन डिजाइनिंग, ग्राफिक्स डिजाइनिंग, एंटीरियर, हस्तकला, आर्टिफिशिल इंटेलिजेंस, सोशल मीडिया, मॉस मीडिया, आपदा प्रबंधन, ब्यूटी एंड वेलनेस, फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, ऑटोमोबाइल, वेल्डिंग, शेयर मार्केटिंग एवं फाइनेंस, व्यक्तित्व विकास, विधि एवं कानून सहित अन्य विषयों की जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी गई।
बना सकते हैं कॅरियर
उन्होंने बताया कि उक्त कार्यशालाओं का आयोजन हमारी योजना का प्रथम चरण था। आगामी भविष्य में इस तरह की और कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जो विद्यार्थी इन क्षेत्रों में अपना कॅरियर बनाने के इच्छुक होंगे, उन्हें इन विषयों की संपूर्ण जानकारी देने और प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी विद्यालय द्वारा की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन कार्यशालाओं के आयोजन का हमारा अनुभव काफी अच्छा रहा। विद्यालय में आए विशेषज्ञों की प्रतिक्रियाएं काफी सकारात्मक और उत्साहवर्धक रहीं। बच्चों में भी उत्साह देखा गया। उक्त आयोजन में सभी शिक्षकों का सक्रिय सहयोग रहा।

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