मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
भीषण गर्मी को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, लू से बचाव के लिए जारी की एडवाइजरी
एके एन न्यूज नर्मदापुरम। नर्मदापुरम जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए प्रिंट और सोशल मीडिया के माध्यम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले में बढ़ती गर्मी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। भीषण गर्मी और संभावित लू के प्रभाव से लोगों को सुरक्षित रखने के लिए विभाग द्वारा विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। यह अभियान राष्ट्रीय जलवायु और मानव स्वास्थ्य परिवर्तन के तहत चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बदलते मौसम के प्रभाव से होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति आमजन को जागरूक करना है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2026 के गर्मी के मौसम में संभावित स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। विभाग के अनुसार अत्यधिक तापमान के कारण लू (हीट स्ट्रोक), डिहाइड्रेशन, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द, बुखार, थकान और त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं तथा लंबे समय तक धूप में काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि गर्मी के मौसम में अनावश्यक रूप से तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप में जाने से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही अधिक मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। गर्मी से राहत पाने के लिए नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ओआरएस जैसे पेय पदार्थों का सेवन लाभदायक बताया गया है।
विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि लोग हल्के रंग के ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय सिर को टोपी, गमछा या कपड़े से ढककर रखें ताकि सीधे धूप का प्रभाव कम हो सके। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है, क्योंकि ये वर्ग गर्मी के प्रभाव के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं।
सीएमएचओ डॉ नरसिंह गेहलोत के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को अत्यधिक पसीना आना, तेज बुखार, चक्कर आना, उल्टी, बेहोशी या अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में प्रभावित व्यक्ति को तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाकर आराम कराया जाए। उसे पानी या ओआरएस पिलाया जाए और जल्द से जल्द नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में ले जाकर उपचार कराया जाए।
जिले के एपिडेमियोलॉजीस्ट आर एस चौहान ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि गर्मी के मौसम में लापरवाही से बचें और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य संस्था से संपर्क करें। उन्होंने बताया कि जिले की सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में आवश्यक दवाइयों और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध कराया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाया जा रहा यह जागरूकता अभियान लोगों को गर्मी से होने वाले खतरों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में भी जानकारी दे रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि समय रहते सावधानी बरतकर लोग भीषण गर्मी और लू के प्रकोप से बचने हेतु सजग रहें।

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