मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
केंद्रीय जेल के कैदियों द्वारा बनाए गए आटे एवं पत्तों के दीपकों से जगमगाएगी मां नर्मदा की अविरल धारा
प्रकृति संरक्षण एवं प्रदूषण मुक्त नर्मदा का संदेश देते हुए कैदियों द्वारा तैयार किए जा रहे 50 हजार पर्यावरण अनुकूल दीपक
नर्मदापुरम/ कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में तथा जल संरक्षण की भावना को साकार करते हुए केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम के कैदियों के द्वारा प्रतिवर्ष अनुसार इस वर्ष भी माँ नर्मदा प्रकटोत्सव के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन हेतु 50 हजार आटे एवं पत्तों के पर्यावरण अनुकूल दीपक तैयार किए जा रहे है।
प्रदूषण को रोकने एवं प्रकृति के संरक्षण के लिए जेल के कैदियों के द्वारा जेल प्रबंधन द्वारा उपलब्ध कराये गये आटा एवं पत्तों के दीपक बनाने की पहल की गई। माँ नर्मदा प्रकटोत्सव पर मां नर्मदा को प्लास्टिक, सिंथेटिक कागज के दीपकों के उपयोग को हतोत्साहित करना तथा नदी को प्रदूषण मुक्त रखने का संदेश देने के उद्देश्य से केंद्रीय जेल नर्मदापुरम के कैदियों द्वारा आटे एवं पत्तों के दीपक तैयार किये जा रहे हैं। आटे एवं पत्तों के दीपक बनाने का उद्देश्य माँ नर्मदा को प्रदूषित होने से रोकने के लिए स्थानीय नागरिकों को जागरूक करने का एक छोटा सा प्रयास है जहाँ आटे के दीपक से नर्मदा नदी में किसी भी प्रकार का प्रदूषण नहीं होता एवं आटे के दीपक गलकर मछलियों के आहार के काम आते है। केन्द्रीय जेल नर्मदापुरम के कैदी माँ नर्मदा जयंती महोत्सव के लिए आटे के दीपक बनाकर निःशुल्क रूप से प्रदाय कर जल संरक्षण में जागरूकता लाने का प्रयास कर रहे हैं वहीं माँ नर्मदा के प्रति बंदियों में आस्था एवं विश्वास में वृद्धि हो रही है, जो कि जेल के लिए एक सकारात्मक पहलू है।

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