मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
केन्द्रीय रेशम बोर्ड, अनुसंधान विस्तार केन्द्र एवं राज्य रेशम विभाग, नर्मदापुरम के संयुक्त तत्वाधान में
एक दिवसीय रेशम समृद्धि योजना / कृषक जागरूकता कार्यक्रम का किया गया आयोजन
नर्मदापुरम// केन्द्रीय रेशम बोर्ड, अनुसंधान विस्तार केन्द्र, होशंगाबाद / नर्मदापुरम एवं राज्य रेशम विभाग, नर्मदापुरम के संयुक्त तत्वाधान गत दिवस एक दिवसीय रेशम समृद्धि योजना / कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला रेशम कार्यालय मालाखेड़ी नर्मदापुरम में किया गया।
कार्यकम में शासकीय रेशम केन्द्र, गूजरवाड़ा, कुलामड़ी एवं बनखेड़ी क्षेत्र के रेशम केन्द्रों से जुड़े समस्त पंजीकृत तथा अन्य कृषकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में डॉ. पी दीपा, निदेशक तथा डॉ. रेवप्पा एम.आर., वैज्ञानिक-बी केन्द्रीय रेशम बोर्ड, केन्द्रीय रेशम उत्पादन एवं प्रशिक्षण संस्थान, मैसूरू शरद श्रीवास्तव, जिला रेशम अधिकारी / सहायक संचालक सुरेन्द्रसिंह चिचाम, जगदीश प्रसाद मेहरा श्याम कुमार, दीपक वर्मा, प्रक्षेत्र अधिकारी, एम. एल पटेल, विरेन्द्र कुमार द्विवेदी, नवनीत गौर, जितेन्द्र सिंह मेवाड़ा, कनिष्ठ रेशम निरीक्षक राज्य रेशम विभाग, नर्मदापुरम एवं नरसिंहपुर तथा पी.वी. दिनेश कुमार, वैज्ञानिक-बी, गमेरसिंह कितावत, अर्जुनसिंह कितावत वरिष्ठ तकनीकी सहायक केन्द्रीय रेशम बोर्ड, अनुसंधान विस्तार केन्द्र, होशंगाबाद / नर्मदापुरम उपस्थित हुए।
वैज्ञानिक-बी, पी.वी. दिनेश कुमार ने कार्यकम का शुभारम्भ करते हुए उपस्थित कृषकों का स्वागत किया। आगे उन्होंने रेशम खेती के महत्व एवं उद्देश्य की जानकारी दी तथा कृषकों को विपरित मौसमी परिस्थितियों के बारे में अवगत कराते हुए उच्च गुणवत्तायुक्त रेशम कोया उत्पादन करने की तकनीकी सलाह प्रदान किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथी में डॉ. पी दीपा, निदेशक, केन्द्रीय रेशम बोर्ड, केन्द्रीय रेशम उत्पादन एवं प्रशिक्षण संस्थान, मैसूरू, द्वारा उपस्थित कृषकों को विस्तार से रेशम के बारे में परिचर्चा किया। शहतूत बागान का संधारण करना, कीटपालन गृह का विसंक्रमण, चॉकी कीट पालन एवं उत्तरावस्था कीट पालन तथा रेशम कीट की बीमारियों के रोकथाम के बारे बताया। मध्यप्रदेश राज्य से रेशम कृषकों को प्रशिक्षण हेतु केन्द्रीय रेशम उत्पादन एवं प्रशिक्षण संस्थान, मैसूरू भेजने के लिए अवगत कराया गया। कृषकों के साथ एक-एक से बात कर समस्याओं का निराकरण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शरद श्रीवास्तव, सहायक संचालक ने कार्यकम उपस्थित सभी अधिकारियों / कर्मचारियो एवं कृषकों का राज्य रेशम विभाग, नर्मदापुरम की ओर से स्वागत करते आगे उन्होंने नर्मदापुरम जिले में रेशम संचालन से जुड़ी गतिविधियों से अवगत कराया। कृषकों की ओर से रखी गई समस्याओं का त्वरित समाधान किया।
वरिष्ठ तकनीकी सहायक गमेर सिंह कितावत ने मंच का सफल संचालन के साथ ही रेशम कृषकों को शहतूत एवं रेशमकीट रोग प्रबंधन की तकनीकी को सरल तरीके समझाया। आगे उन्होंने नये कृषकों का चयन करने हेतु प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया। उक्त कार्यक्रम में कृषकों को रेशम खेती से संबंधित पंम्पलेट, का वितरण किया गया।
कार्यक्रम के अंत में कनिष्ठ रेशम निरीक्षक नवनीत गौर एवं वरिष्ठ तकनीकी सहायक अर्जुन सिंह कितावत ने कार्यक्रम के समापन की उद्घोषणा के साथ ही उक्त कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी कृषकों का सादर धन्यवाद ज्ञापित किया गया


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