मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
स्वच्छता अभियान में श्रमदान करने पहुंचे एसडीओपी श्री पाठक
बोले शहर की धरोहर है मां नर्मदा इसकी पवित्रता बनाए रखें
विश्व प्रसिद्ध है नर्मदा इसे स्वच्छ रखें, जनता से बोले घाटों पर गंदगी न करें अनुशासित रहें
एके एन न्यूज नर्मदापुरम। शहर की धरोहर है मां नर्मदा इसकी पवित्रता बनाए रखें। विश्व प्रसिद्ध है मां नर्मदा इसमें गंदगी न फैलाएं । मां नर्मदा में श्रद्धालु कचरा प्रवाहित न करें। घाटों की साफ सफाई रखें और अनुशासित रहें। मां नर्मदा पवित्र नदी है हमारी जीवनदायनी है। इसके किनारे फूल, पत्ती कचरा सहित अन्य सामग्री न डालें और केमिकल का उपयोग न करें । इससे जल गंदगी फैलती है और लोगों को भी दिक्कत होती है। मां नर्मदा की धारा कल कल बहती रहे इसलिए हमें किनारों पर गंदगी नहीं करना है। सभी घाटों की साफ सफाई हो, कचरा डस्टबिन में डालें और घाटों के आसपास कोई गंदगी ना करें । यह बात रविवार को अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति द्वारा चलाए जा रहे स्वछता अभियान में एसडीओपी जितेंद्र पाठक ने कहीं।
उन्होंने कहा सभी इस पुनीत कार्य में हिस्सा लें मुझे आमंत्रण मिला मैंने यहां श्रमदान किया मुझे अच्छा लगा। सफाई करते यहां पर भारी मात्रा में पॉलिथीन मिली है इन्हें नर्मदा में प्रभावित न करें डस्टबिन में डालें। मैं सभी से यही अपेक्षा करता हूं कि इस अभियान से जुड़ें और मां को घाटों को स्वच्छ साफ रखें। एसडीओपी श्री पाठक ने घाट पर सफाई की। घाट के किनारे जमा मलबे को हाथों से हटाया। इस मौके पर मातृ शक्ति अध्यक्ष ज्योति वर्मा सेवानिवृत्ति बैंक अधिकारी विजय वर्मा , अशोक वर्मा, प्रीती खरे केशव वर्मा, राजेंद्र श्रीवास्तव, मंजू श्रीवास्तव, ममता तिवारी,आर्यन तिवारी, अशोक वर्मा, विजय वर्मा, सी बी खरे, केशव देव वर्मा, मनोज वर्मा, लालता प्रसाद, आदित्य दुलारे ज्योति वर्मा, प्रीति खरे, सुमन वर्मा, जानकी , ऊषा वर्मा मंजू श्रीवास्तव आदि शामिल रहे।
निरंतर चलाया जा रहा स्वच्छता अभियान भारी ठंड और कोहरे में भी
गौरतलब है कि शहर में हर रविवार अखिल भारतीय कायस्थ समाज मातृशक्ति द्वारा नर्मदा घाटों पर स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। विगत वर्षों से यह अभियान निरंतर चल रहा है। बरसात, ठंड हो या गर्मी हर मौसम में समाज के लोग घाट पर पहुंचकर साफ सफाई कर मां नर्मदा को स्वच्छ रख रहे हैं। सेवानिवृत अधिकारी विजय वर्मा ने कहा कि हमें मां नर्मदा की साफ सफाई रखना है और घाटों से ही हमारी पहचान है। इसके साथ ही समाज के लोगों ने आवाह्न किया है कि इस अभियान से सभी जुड़े और घाटों की सफाई करें।

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