मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
*🇮🇳 "विभाजन का दर्द एकता का संकल्प 🇮🇳*
*14 अगस्त को "हर घर तिरंगा" अभियान के तहत हुई
*नर्मदापुरम*। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पूर्व केंद्र सरकार के *"हर घर तिरंगा"* अभियान के अंतर्गत पंडित रामलाल शर्मा कॉलेज ऑफ़ एजूकेशन में शुक्रवार को *"विभाजन की विभीषिका"* विषय पर एक भावनात्मक परिचर्चा का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को वर्ष 1947 में देश के विभाजन के समय हुए अभूतपूर्व दर्द, विस्थापन, त्याग और लाखों लोगों के बलिदान से अवगत कराना था, ताकि हम आजादी की कीमत को समझ सकें।
*कार्यक्रम की मुख्य झलकियां:*
*1. ऐतिहासिक विवेचना*
सहा.प्रा. लीनेन्द्र चौधरी ने विभाजन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, राजनीतिक कारणों और उसके सामाजिक-आर्थिक दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे एक रात में लाखों परिवार उजड़ गए और लोगों ने अपना सब कुछ खो दिया।
सहा. प्रा.अंजू सक्सेना ने विभाजन के समय मे बटवारे के उस दौर के बारे में बताया
*3. प्राचार्य का संबोधन*
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रिंस जैन ने विद्यार्थियों को "आजादी के असली अर्थ" समझाए।"भारत का विभाजन क्यों हुआ? क्या यह होना आवश्यक था?"* और इस त्रासदी से हमें "एकता में शक्ति" का क्या संदेश मिलता है, इस पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विभाजन से जुड़े कई अनसुने किस्सों का भी उल्लेख किया।
प्राचार्य डॉ. जैन ने कहा:
"आजादी सिर्फ 15 अगस्त का जश्न नहीं है। यह उन लाखों अज्ञात शहीदों के खून और आंसुओं की कीमत है। विभाजन की विभीषिका हमें याद दिलाती है कि देश की एकता और अखंडता से बड़ा कुछ नहीं। इस अवसर पर महाविद्यालय में B.A. B.com और B.ed के विद्यार्थी और समस्त प्राध्यापक उपस्थित थे

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