बिलासपुर। सिम्स में जहर सेवन के आने वाले मामले चौंकने वाले हैं। महज 10 दिन में 64 ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए जहर सेवन कर अस्पताल पहुंचे हैं। जिनमे से चार की मौत हो गई है। वहीं अन्य जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। लगातार आत्महत्या करने के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। सिम्स में नवंबर माह के 10 दिन में 64 मामले आना चिंताजनक है। हालांकि की समय पर अस्पताल पहुच जाने से बड़ी संख्या में जान तो बता लिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में देरी होने से मौत भी हो जाती है।
जिले में सबसे ज्यादा मामले सिम्स में ही पहुचते है। सिम्स पुलिस चौकी से मिली जानकारी के मुताबिक आत्महत्या करने के ज्यादातर मामले मानसिक रोग से ग्रसित होना, प्रतिस्पर्धा में पिछड़ना, बेरोजगारी की वजह से आर्थिक समस्या झेलना, प्यार में असफल होना, किसी से जान का खतरा, घरेलू हिंसा, पति पत्नी में अनबन होना की वजह से आत्महत्या के मामले बढ़ रहे। चौकी पुलिस के प्रारंभिक जांच में ये सब ही आत्महत्या की वजह बन रहे हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मानोविज्ञानी डा. आशुतोष तिवारी के मुताबिक लोगों की आवश्यकता बढ़ते ही जा रही है, वहीं आगे रहने की होड़ भी बढ़ चुकी है। प्रतिस्पर्धा भरी जिंदगी हो चुके हैं, जिसमे पिछड़ने से आदमी का मनोबल गिरता जा रहा है, जो मानसिक बीमारियों की ओर बढ़ता ही जाता है। वही सामान्य रूप में घरेलू हिंसा, पति पत्नी के बीच विवाद, प्यार में असफलता भी आत्महत्या को बढ़ावा दे रहा है, ऐसे लोगो की पहचान कर उनके कौन्सिलिंग की आवश्यकता है।
कम उम्र वाले कर रहे आत्महत्या की कोशिश
सिम्स में आए मामलो से ये बात भी सामने आ रही है कि कम उम्र वाले आत्महत्या का ज्यादा कोशिश कर रहे हैं। इनमे प्यार में असफलता, धोखा, पढ़ाई में पिछड़ना, प्रतिस्पर्धा में पीछे होना और आर्थिक समस्या मुख्य कारण बना है।
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