कोरोना संक्रमण के पश्चात समाज में परिवर्तन विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन शासन के निर्देशानुसार हमने कोरोना काल में आइसोलेशन प्रोग्राम एवं पेशेंट के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम किएआयोजित - AKN News India

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Tuesday, 21 February 2023

कोरोना संक्रमण के पश्चात समाज में परिवर्तन विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन शासन के निर्देशानुसार हमने कोरोना काल में आइसोलेशन प्रोग्राम एवं पेशेंट के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम किएआयोजित


कोरोना संक्रमण के पश्चात समाज में परिवर्तन विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन

शासन के निर्देशानुसार हमने कोरोना काल में आइसोलेशन प्रोग्राम एवं पेशेंट के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम किएआयोजित  

नर्मदा पुरम । शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ श्रीमती कामिनी जैन के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में 21 फरवरी को कोरोना संक्रमण के पश्चात समाज में परिवर्तन विषय पर ऑनलाइन राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य एवं विशिष्ट वक्ताओं के रूप में डॉ. संजय मिश्रा, चीफ डाइटिशियन आदित्य बिरला मेमोरियल हास्पिटल महाराष्ट्र, डॉ. रश्मि मिंज प्राध्यापक शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर, काउंसलर वूमन एण्ड चाइल्ड डेव्लपमेंट डिपार्टमेंट, डॉ.अदनान नईम निर्देशक एवं सीईओ जूजीडान बायोटेक प्रा.लि. एवं पीएचडी ग्रिफिट विवि ऑस्ट्रेलिया, डॉ. विभोर दुबे नर्मदा अपना अस्पताल नर्मदापुरम एवं डॉ. रागिनी सिकरवार प्राध्यापक, शासकीय गृह विज्ञान स्नातकोत्तर अग्रणी महाविद्यालय नर्मदापुरम उपस्थित रहे। 

वेबीनार को सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन के साथ औपचारिक रूप देते हुए प्राचार्य ने सभी मुख्य एवं विशिष्ट वक्ताओं का स्वागत एवं उच्च शिक्षा विभाग का आभार करते हुए कहा कि- कोरोना संक्रमण ने वैश्विक महामारी का रूप धारण करते हुए हमें आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक रूप से क्षति अवश्य पहुंचाई है किंतु हम सभी ने खानपान एवं स्वयं धारण करते हुए इसे स्वयं सेवा समाज में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से दूर किया है, हराया है। शासन के निर्देशानुसार हमने कोरोना काल में आइसोलेशन प्रोग्राम एवं पेशेंट के लिए मोटिवेशन प्रोग्राम आयोजित किए। साथ ही उन्हें एकाकी जीवन के बीच मानसिक रूप से स्वस्थ एवं विचारों से दृढ़ बनाते रहने के लिए विशेषज्ञों के व्याख्यान एवं साहित्य प्रदान किए। 

सर्वविदित है कि महामारी के कारण वैश्विक दुनिया कि एक दूसरे से जुड़ी हुई प्रणालियां पूरी तरह बदल गई हैं इस दौरान सार्वजनिक सेवाओं सहित औद्योगिक क्रांति और डिजिटलाइजेशन तेजी से बढ़ा है। कोरोना के बाद सन् 19-20 के बीच पूरी दुनिया में डिप्रेशन और एंजाइटी की घटनाएं 26 से 28 प्रतिशत बढ़ीं है। इसमें ज्यादा संख्या युवाओं की थी जो भविष्य के प्रति आशंका या आजीविका के संकट से इस अवस्था तक पहुंचे। मनोचिकित्सक मानते हैं कि सोशल मीडिया से चिपके रहना बड़ा कारण है कोविड-19 महामारी के बाद बच्चों के साथ ऑनलाइन अवरोध भी बड़े हैं। कोविड-19 महामारी के चलते जहां हर घर में स्मार्टफोंस एवं इंटरनेट तक बच्चों के बहुत बेहद आसान हो गई है। वेबिनार में प्राचार्य एवं आयोजकों द्वारा पुस्तिका विमोचन किया गया। 

राष्ट्रीय वेबिनार की संयोजक डॉ संगीता अहिरवार ने विषय प्रवर्तन करते हुए बताया कि मनुष्य एक सामाजिक जीव है, कोरोना ने हमारी सामाजिक धरोहर पर प्रहार किया है। इस वैश्विक महामारी से हम सभी रूपों में संकटग्रस्त हुए हैं। हमारे सामाजिक ढांचे में क्या परिवर्तन हुए? एवं मनुष्य इस महामारी के बाद स्वयं को कहां खड़ा पाता है इस पर उपयोगी बिंदु के साथ चर्चा अनिवार्य है।वेबीनार के मुख्य वक्ता डॉ संजय मिश्रा ने प्राचार्य का आभार करते हुए कहा कि हम पूर्व में भी आइसोलेशन कार्यक्रम के दौरान जुड़ चुके हैं। कोरोना संक्रमण से जागरूक करने हेतु आपका सतत प्रयास रहा है। कोरोना ने सभी के सामाजिक ताने-बाने को धक्का पहुंचाया है। समाज के लोग, कोरोना से ग्रसित व्यक्ति एवं मृत व्यक्ति तथा परिवार को बहिष्कृत नजरिए से देखने लगे। प्रशासन ने कई हद तक हमारी परंपराओं को पूरा करने हेतु सहायता की है। नकारात्मकता से भरे विश्व में कुछ सकारात्मक प्रयास भी किए गए। डिजिटल इंडिया ने हमें  नया प्लेटफार्म दिया कई संगठन सहायता हेतु आगे आए भारत आर्थिक मंदी से बाहर की ओर आने में प्रयासरत है। 

शासकीय कन्या पीजी महाविद्यालय रायपुर से वुमन एंड चाइल्ड डेवलपमेंट डिपार्टमेंट की काउंसलर रही डॉ रश्मि मिंज ने विश्व स्तर पर हेल्थ एवं मृत्यु इंडेक्स के आंकड़े बताते हुए कहा कि हमारी क्षति का कोई रिप्लेसमेंट नहीं है किंतु परिवर्तन संसार का नियम है, मनुष्य के मूल में नियम अनिवार्य तो नहीं परंतु आवश्यक है। इस दौरान गृह विज्ञान एवं न्यूट्रीशन विषय का महत्व प्रखर हुआ है हम आयुर्वेद की तरफ बढ़ते हुए पुरानी पद्धतियों में लौट रहे हैं । हमें अपने पाचन तंत्र से संबंधित डाइट को ध्यान में रखते हुए ओबेसिटी को कंट्रोल करना आवश्यक है। डॉ. अदनान नईम ने कोरोना संक्रमण के दौरान भारत में वर्चुलाइजेशन एवं टेक्नोलॉजी के विषय पर बायो बैंकिंग की चर्चा की महामारी के दौरान लिए गए सैंपल की टेस्टिंग एवं उनकी स्टोरेज में विशेष भूमिका निभाने वाले डिवाइस से एवं लैबोरेट्री तथा उसकी डिजाइनिंग को विस्तार से बताया। आरटीपीसीआर का लार्ज स्केल पर इंस्टॉलेशन किया गया। बायो बैंकिंग में ब्लड सैंपल टिशू डीएनए सैंपल आदि की सुरक्षा के पैमाने तय किए गए । ऑक्सीजन बैंक को बढ़ाया गया। डॉ नईम ने कहा कि डाटा बैंक होना अनिवार्य है । जो सारी इनफार्मेशन को कलेक्ट मैनेज व ऑर्गेनाइज फॉर्म में रखता है। सभी सैंपल की स्टडी जरूरी है जिससे आने वाले समय में कभी फिर यही संक्रमण वापस आता है तो इसका स्वरूप क्या होगा इस पर फिर सर्च की जा सके ।

डॉ. विभोर दुबे ने भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता पर बिचार रखते हुए कहा कि नमस्कार से अभिवादन की परंपरा कोविड के दौरान विश्वभर में अपनाई गई एवं वर्क फ्राम होम से कार्यालयीन संस्कृति में बदलाव हुए। सीखने की कला को कोविड के दौरान ऑनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम से विस्तार मिला।  डॉ रागिनी सिकरवार ने महाविद्यालय एवं उच्च शिक्षा विभाग के माध्यम से होने वाली सभी गतिविधियों का ब्यौरा देते हुए बताया कि राष्ट्र के सामने वैक्सीन का निर्माण एक चुनौती की तरह था। जिसमें सरकार ने सकारात्मक प्रयास किए। महाविद्यालय में वैक्सीन से संबंधित भ्रांति को दूर करने के लिए वेबीनार का आयोजन किया गया। वैक्सीन कैंप आयोजित किए गए जिससे शत-प्रतिशत स्टाफ एवं महाविद्यालय की छात्राएं तथा जिले में सभी को वैक्सीन उपलब्ध कराई गई । ऐप के माध्यम से जानकारी एकत्रित की गई एवं जागरूकता कार्यक्रम युवा शक्ति कोरोना मुक्ति के द्वारा जागरूकता कार्यक्रम किए गए। महाविद्यालय में मास्क वितरण एवं एवं मास्क बनाने हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती आभा वाधवा द्वारा एवं आभार बेवीनार की सह सयोजक डॉ. रश्मि श्रीवास्तव ने किया। इस कार्यक्रम में आयोजन समिति से डॉ.श्रीकांत दुबे, डॉ. अरूण सिकरवार, डॉ.कंचन ठाकुर तथा डॉ.किरण पगारे, डॉ.भारती दुबे, डॉ. वर्षा चौधरी, डॉ. संध्या राय, डॉ.पुष्पा दुबे, डॉ. श्रुति गोखले, डॉ.जी.सी. पांडे, डॉ.आशीष सिंह, डॉ.पी.आर. मानकर. डॉ.वैशाली लाल, डॉ. दीपक अहिरवार, डॉ.मनीषचंद्र चौधरी, डॉ. आशीष सौहगौरा, डॉ. संगीता पारे, कु.सौम्या चौहान, डॉ.एकता गुप्ता, श्रीमती प्रीति ठाकुर, डॉ. कीर्ति दीक्षित, देवेन्द्र सैनी, शैलेन्द्र तिवारी एवं तकनीकि समिति से डॉ. निशा रिछाारिया, बलराम यादव,  राजेश यादव, मनोज सिसोदिया, जलज श्रीवास्तव, नवरत्न मलैया, डॉ. रीना मालवीय, कु. स्वेता वर्मा, श्रीमती अंकिता तिवारी एवं समस्त स्टाफ तथा बडी संख्या में छात्राए उपस्थित रहीं।

मनोज सोनी की विशेष रिपोर्ट

 

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