स्वर्गीय दादा मधुकरराव हर्णे की श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान होंगे शामिल
नर्मदा पुरम। भारतीय जनता पार्टी के आधार स्तंभ, पूर्व राजस्व राज्य मंत्री, पूर्व जिला अध्यक्ष स्वर्गीय दादा मधुकरराव हर्णे की श्रद्धांजलि सभा मैं प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित वरिष्ठ भाजपा नेता शामिल होंगे। दादा मधुकराव हर्णे श्रद्धांजलि समिति के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि स्थानीय अग्निहोत्री गार्डन में आज शाम 4:00 बजे से श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई है जिसमें मुख्यमंत्री सहित वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जिलेभर से आए भाजपा के नेतागण विशेष रुप से उपस्थित रहेंगे।
पं. दीनदयाल उपाध्याय, स्व. अटल बिहारी जी, नरेन्द्र मोदी जी आडवाणी जी कुशाभाऊ ठाकरे जी जैसी शख्सियतें दादा के निवास पर कर चुके है राजनैतिक मंत्रणा
नर्मदापुरम। जिले की राजनीति में कर्मठ, लगनशील और अब तक सक्रिय रहे दादा मधुकर राव हर्णे एक ऐसा नाम है जो छोटे से छोटा और बड़े से बड़ा कार्यकर्ता उनकी सहजता, सरलता, विनम्रता का कायल रहा है। बाल्यकाल से ही संघ से जुड़े रहने के कारण आज तक उनका नाम जिले ही नहीं प्रदेश की राजनीति में अब्बल दर्जें में आता है। उम्र का लंबा पड़ाव पार कर चुके दादा मधुकर राव हर्णें का 21 अप्रैल को निधन हो गया, जिससे जिले की राजनीती का अध्याय का समापन हो गया। बता दें कि दादा 88 की उम्र में भी राजनीति में अपनी सक्रियता दिखाते रहे हैं और कार्यकर्ता, पदाधिकारियों को मार्गदर्शन देते रहे हैं। आज दादा मधुकर राव हर्णें की श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित अनेक भाजपा नेता शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
सन 1980 में भारतीय जनता पार्टी ने होशंगाबाद विधानसभा से अपना प्रत्याशी बनाया और दादा विजयी होकर पहली बार क्षेत्र से भाजपा विधायक हुए। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष रहते हुए संपूर्ण जिले में पार्टी का कार्य विस्तार किया। भाजपा के पितृपुरुष कुशाभाऊ ठाकरे सदैव उनके कार्यों की सराहना करते थे, जिसका परिणाम यह है कि आज सम्पूर्ण जिले में चारों विधानसभा और लोकसभा क्षेत्र में भाजपा का ही प्रतिनिधित्व है। आप पुन: 1990 में होशंगाबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये। उन्होंने श्रीराम जन्म भूमि आन्दोलन में भी अपनी सक्रिय भूमिका प्रदान की है। तीसरी बार सन् 2003 से 2008 तक आप पुन: इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह के आग्रह पर दादा ने सरकार में राज्य बीज निगम अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। उस समय निगम 70 करोड़ रुपये के कर्जे में था, किन्तु दादा की कर्मठता और इमानदारी का परिणाम यह रहा कि जब दादा का कार्यकाल पूर्ण हुआ उस समय बीज निगम का पूरा कर्जा पटने के बाद निगम 4 करोड़ के फायदे में आ चुका था।
दादा के पारिवारिक सदस्य एवं पूर्व कार्यालय मंत्री सुधीर तिवारी ने बताया कि दादा का राजनैतिक सफर ऐतिहासिक रहा है। कई दशकों राजनीति में सक्रिय रहे दादा मधुकर राव हर्णे का देश की बड़ी-बड़ी शख्सियतों से मधुर संबंध रहे हैं। दादा के निवास पर देश और प्रदेश की राजनीति का चिंतन किया। दादा हर्णें के निवास पर पं. दीनदयाल उपाध्याय, स्व. अटल बिहारी वाजपेयी, तत्कालीन मध्यप्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रभारी के रूप में नरेन्द्र मोदी, लालकृष्ण आडवाणी, कुशाभाऊ ठाकरे जैसी शख्यितें दादा के निवासियों राजनैतिक मंत्रणा करने आते रहे हैं। 1991 में केन्द्र में विपक्ष के नेता स्व. अटल बिहारी वाजपेयी दादा के निवास पर आये थे, उस दौरान दादा सुंदरलाल पटवा की सरकार में राजस्व मंत्री थे।
खास खबर एकेएन न्यूज़ ब्यूरो रिपोर्ट
मनोज सोनी

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