पुलिस अधीक्षक डॉ गुरकरण सिंह के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पराग सैनी के निर्देशन में
थाना कोतवाली पुलिस नें 48 घंटों के भीतर गोली काण्ड का किया खुलासा, तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त मेंबाकी फरार आरोपियो की थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा तलाश जारी है
नर्मदापुरम। पुलिस अधीक्षक डॉ गुरकरण सिंह के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पराग सैनी के निर्देशन में पुलिस टीम थाना कोतवाली द्वारा 48 घण्टे में गोली काण्ड को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है |
11 सितंबर की दोपहर को गोरी सेठ की होटल के सामने किसी व्यक्ति पर कुछ लोगो ने गोली चलाई थी। वही पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह, अनिविभागीय अधिकारी पुलिस पराग सैनी थाना प्रभारी थाना कोतवाली सौरभ पांडे तत्काल पहुंचे मौके पर फरियादी सुरेन्द्र सिंह पिता तुलसीराम राजवंशी जाति कुचबंदिया उम्र 37 साल निवासी हिरणखेडा थाना सिवनी मालवा हाल नारियल खेड़ा थाना गौतम नगर भोपाल ने बताया कि उसे आरोपीगण निक्की उर्फ रामसागर, जगवीर अर्जुन, सुधीर, विक्रम राजवंशी ने मुझे जान से मारने की नियत से पिस्टल से मुझ पर हमला किया।
वही घायल को तत्काल जिला अस्पताल इलाज हेतु रवाना किया तथा अस्पताल में देहाती नाली लेख किया। जिसमें घायल सुरेन्द्र ने बताया कि 11 सितंबर को मै अपनी कार से नर्मदापुरम कोर्ट पेशी के लिए आया था लेकिन न्यायालय में पेशी नही होने पर मैं अपनी कार से दीदी विनीता के घर बालागंज की और जा रहा था। जिसमें 3 बजे गौरी सेठ की नास्ते की दुकान के सामने रोड पर पहुंचा ही था कि कोर्ट तरफ से स्विफ्ट डिजायर कार से निक्की और उसके साथियों के द्वारा पुरानी जमीनी विवाद को लेकर कार से उतरकर जान से मारने की नियत से मेरे उपर दनादन गोलियां चलाईं। जिस पर से थाना कोतवाली नर्मदापुरम में अप.क्र. 728/23 धारा 307,34 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया ।
पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह द्वारा घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशुतोष मिश्रा एंव अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) पराग सैनी के नेतृत्व में थाना कोतवाली में 02 टीमो का गठन उक्त अपराध की विवेचना एंव आरोपियों की तलाश एंव सीसीटीव्ही फुटेज के लिये गठित की गयी, उक्त गठित टीमों में सीसीटीव्ही अवलोकन पर ग्रे कलर की स्वीप्ट कार क्र. एमपी 37 सी 5703 पाया गया। घटना स्थल के आसपास के सीसीटीव्ही फूटेज देखने पर कार की पीछे वाली सीट से उतर कर गोली चलाने वाले व्यक्तियों की पहचान निक्की उर्फ रामसागर पिता स्व. मूलचंद राजवंशी उम्र 28 साल निवासी बालाजी मंदिर के पास गांधीनगर इटारसी एंव अमन जैन पिता अजय जैन उम्र 22 के रूप में की गयी जिनको तत्काल थाना कोतवाली की गठित टीम द्वारा आरोपी निक्की को गिरफ्तार कर पूछताछ करने पर निक्की द्वारा बताया गया कि निक्की के बड़े भाई सुशील राजवंशी की हत्या तुलसीराम के लड़के सुरेन्द्र एंव उसके भाईयों के द्वारा की गयी थी।
जिस संबंध में 11 सितंबर को सुरेन्द्र की कोर्ट पेशी थी। इसीलिये निक्की एव निक्की के दोस्त अमन जैन, संदीप मांझी पिता हरिशंकर मांझी उम्र 33 साल निवासी बुधनी (स्वीफ्ट डिजायर का चालक ), नीरज उर्फ पप्पू तिवारी, निक्की का भांजा सूरज एंव उसके दोस्त के द्वारा सुरेन्द्र को जान से खत्म करने की योजना बनायी गई । निक्की के भांजे सूरज एंव उसके दोस्त सफेद कलर की फोर्ड कार से सुरेन्द्र की रैकी कोर्ट के आस पास घुमकर कर रहे थे तथा नीरज उर्फ पप्पू तिवारी कोर्ट के बाहर सुरेन्द्र की रैकी कर रहा था। करीब 02.30 बजे फरियादी सुरेन्द्र अपनी कार गोरी सेठ की होटल के सामने कार से उतर कर मोबाईल पर बात कर रहा था तभी पीछे से स्वीफ्ट कार से निक्की और निक्की का दोस्त अमन, जो कि गाड़ी की पीछे वाली सीट पर बैठे थे तथा संदीप गाडी चला रहा था ने गाडी सुरेन्द्र के पास चलती गाड़ी से निक्की ने पीछे से गोली चलाई तथा आगे बढ गये फिर संदीप में गाडी वापस पलटा कर गाडी सुरेन्द्र के पास खड़ी कर दी फिर निक्की और अमन ने गाड़ी से उतर कर पुनः कई गोलिया चलाई फिर निक्की, अमन एंव संदीप एंव निक्की का भांजा सूरज एंव उसका दोस्त अलग अलग गाड़ियों से शहर के बाहर भाग गए थे।
थाना कोतवाली की गठित टीम द्वारा आरोपी अमन जैन एंव संदीप को गिरफ्तार किया गया। जिनसे पूछताछ कर मेमोरेण्डम के आधार पर एंव आरोपी निक्की उर्फ रामसागर, जैन एंव संदीप से घटना में प्रयुक्त हथियार देशी हेन्ड मेड कट्टानुमा पिस्टले एव ग्रे रंग की स्वीफ्ट ड्रिजायर कार क्र. एमपी 37 सी 5703 जप्त की जाकर तीनो आरोपीगणों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया एंव बाकी फरार आरोपियो थाना कोतवाली पुलिस टीम द्वारा तलाश की जारी है।
मुख्य भूमिका:- उक्त गोली काण्ड का खुलाशा करने में थाना प्रभारी कोतवाली सौरभ पांडे, उनि. शरद बर्डे, उनि. सूरत लाल मालवीय, उनि. डीएल विश्वकर्मा, उनि. विपिन पाल, सउनि सुखनंदन नर्रे, सउनि दिनेश मेहरा, प्रआर. विशाल भदौरिया, प्रआर. दिनेश ऊईके, प्रआर. अरविन्द, प्रआर. संजीव, प्रआर. चालक पावेल मसीह, आर.जीतेन्द्र राजपूत, आर राजकुमार झपाटे, आर राजेश चौहान, आर.आशीष राजपूत आर, शैलेन्द्र यादव, आर. संदीप यदुवंशी, आर.अभिषेक (सायबर सेल), आर. चेतन नरवेर आर.अतुल गुर्जर (सीसीटीव्ही कंट्रोल रूम) की मुख्य भूमिका रही है।
मनोज सोनी एडिटर इन चीफ


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