श्री शर्मा के पार्टी छोड़ने से जिले की राजनीति के बिगड़ सकते हैं समीकरण
नर्मदापुरम। भारतीय जनता पार्टी के दो बार के पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता पंडित गिरिजाशंकर शर्मा ने भारतीय जनता पार्टी छोड़ने की घोषणा करते ही जिले की राजनीति में भूचाल से आ गया है। जानकारों के अनुसार भाजपा के पूर्व विधायक श्री शर्मा के पार्टी से इस्तीफा देने का सीधा असर जिले की अन्य विधानसभा सीटों पर भी पड़ेगा। इस बात को लेकर संभागीय मुख्यालय के चौक चौराहा पर जन चर्चाओं का दौर प्रारंभ हो चुका।
श्री शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि पार्टी में लगातार उपेक्षा के चलते वह पिछले कई दिनों से पार्टी के कार्यक्रमों से भी दूरी बनाएं हुए थे। वही कुछ दिनों पहले भी पार्टी छोड़ने के संकेत दे दिये थे, इसके बाद से तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रहीं थीं। आज शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से पूर्व विधायक श्री शर्मा के इस्तीफा देते ही सारे अटकलों पर विराम लग गया। उन्होंने कहा कि नवागत भाजपाईयों द्वारा उपेक्षा का आरोप लगाते भाजपा छोड़ दी है। स्थानीय रेस्ट्रोरेंट में आयोजित पत्रकार वार्ता में श्री शर्मा ने पत्रकारों से रूबरू हुए और उनके सवालों के जवाब भी दिए
गौरतलब है कि आगामी विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं और कार्यकर्ताओं की नाराजगी लगातार खुलकर सामने आ रही है, जिसका खामियाजा पार्टी को झेलना पड़ सकता है। एकजुटता की बात करने वाली भाजपा में अंदरूनी कलह जमकर उबाल मार रही है, परिणाम स्वरूप अब पूर्व विधायक श्री शर्मा द्वारा भाजपा छोड़ने से जिले की राजनीति के समीकरण गड़बड़ा सकते है। बता दें कि नर्मदापुरम में भाजपा के कद्दावर नेता, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा के बड़े भाई पूर्व विधायक गिरजाशंकर शर्मा ने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। हालाकि वह कांग्रेस में जायेंगे या नहीं यह स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा ने कहा कि बीते 10 साल से अधिक समय से पार्टी उनकी उपेक्षा कर रही है। संगठन में नए लोग आ गए है यह नए लोग पुराने लोगों को लगातार दरकिनार कर रहे है पुराने नेताओं की पूछपरख नहीं की जा रही है। कई बार लगता है कि संगठन से बातचीत की जाये लेकिन संगठन में भी कोई सुनने वाला नहीं है।
बता दें कि जनसंघ के समय से भाजपा की सेवा करने वाले कद्दावर नेता गिरिजाशंकर शर्मा दो नगरपालिका अध्यक्ष, दो बार के विधायक सहित भाजपा जिलाध्यक्ष समेत कई जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके है। राजनैतिक सूत्रों के अनुसार भाजपा में बड़े वरिष्ठ और पुराने नेताओं की उपेक्षा लगातार की जा रही है, जनसंघ से पार्टी का झंडा लेकर चलने वाले पूर्व विधायक श्री शर्मा द्वारा पार्टी छोड़ने से भाजपा को नुकसान होना लगभग तय हैं। वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पूर्व विधायक गिरिजाशंकर शर्मा के भाजपा छोड़ने से अनेक कार्यकर्ता भी भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे सकते है।
आपको बता दें कि शर्मा परिवार का नर्मदापुरम जिले की राजनीति में अच्छा खासा दखल है। इनके छोटे भाई पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एवं वर्तमान विधायक डॉ सीतासरन शर्मा भी पांच बार से विधायक हैं। समूची विधानसभा में शर्मा परिवार की खासी पकड़ हैं। जिसका फायदा लंबे समय से भाजपा उठाती आ रही हैं, लेकिन अब उनके द्वारा भाजपा छोड़ने से राजनैतिक समीकरण पूरी तरह से गड़बड़ा सकते हैं। श्री शर्मा ने पत्रकारों के कई सवालों के जवाब दिए। प्रदेश सरकार के कार्यकाल में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार सहित अन्य गंभीर मुद्दों पर भी विस्तार से जानकारी दी।
मनोज सोनी editor-in-chief

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