दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में निर्धारित मानक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए कलेक्टर श्री सिंह ने आम नागरिकों से निर्धारित मानक पटाखों का उपयोग करने की अपील की - AKN News India

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Friday, 3 November 2023

दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में निर्धारित मानक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए कलेक्टर श्री सिंह ने आम नागरिकों से निर्धारित मानक पटाखों का उपयोग करने की अपील की

 

 दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में निर्धारित मानक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए

कलेक्टर श्री सिंह ने आम नागरिकों से निर्धारित मानक पटाखों का उपयोग करने की अपील की


नर्मदापुरम। दीपावली पर्व के दौरान पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में निर्धारित मानक संचालक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित कराया जाए। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने उक्त निर्देश जिले के समस्त अनुविभागीय दंडाधिकारियों को दिए हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया है कि दीपावली पर्व के दौरान रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक ग्रीन पटाखों का उपयोग वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार किया जाए। पटाखों का प्रस्फोटन अस्पताल, नर्सिंग होम्स, हेल्थ केयर सेंटर, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थलों आदि से 100 मीटर की दूरी तक प्रतिबंधित रहेगा ।

      इस संबंध में कलेक्टर श्री सिंह ने आम लोगो के लिए अपील जारी की है। आमजनो को अवगत कराया गया है कि दीपावली पर्व के दौरान विभिन्न पटाखों का उपयोग बड़ी मात्रा में किया जाता है जिससे वायू प्रदूषण होता है। वायू प्रदूषण को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पटाखों के निर्माण, उपयोग, विक्रय, वितरण एवं प्रस्फोटन के संबंध में मानक संचालक प्रक्रिया निर्धारित की गई है जिसके अनुसार ऐसे शहर जहाँ वायू गुणवत्ता खराब है, बहुत खराब अथवा गंभीर श्रेणी में है ऐसे शहरों में सभी प्रकार के पटाखो के बिक्री अथवा उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। 

वर्तमान में नर्मदापुरम शहर की एक्यूआई 100.68 है जो मध्यम श्रेणी के तहत है अत: हरित पटाखों के अलावा अन्य पटाखें का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा तथा पटाखों का उपयोग रात्रि 8 बजे से रात्रि 10 बजे तक किया जाए। पटाखों के जलने के उपरांत बचे हुए अवशेष, कागज के टुकड़े एवं अधजली बारूद के संपर्क में आने से पशुओं एवं बच्चों के दुर्घटनाग्रस्त होने की संभावना रहती है। अत: पटाखो के जलने के उपरांत उत्पन्न कचरे को ऐसे स्थानों पर न फेंका जाए जहाँ पर प्राकृतिक जल स्त्रोत, पेयजल स्त्रोत के प्रदूषित होने की संभावना हो। कलेक्टर श्री सिंह ने आमजनता से अपील की है कि वे सिर्फ हरित पटाखों का उपयोग सीमित मात्रा एवं निर्धारित समयावधि में ही करें।

मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 

No comments:

Post a Comment

नरवाई जलाने पर 12 व्यक्तियों के विरुद्ध FIR, 62,500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित करने की कार्यवाही की गई प्रस्तावित

मनोज सोनी एडिटर इन चीफ    नरवाई जलाने पर 12 व्यक्तियों के विरुद्ध FIR,  62,500 रुपये का जुर्माना अधिरोपित करने की कार्यवाही की गई प्रस्तावित...

Post Top Ad

Responsive Ads Here