जिस तरह हम बोलते हैं उस तरह तू लिख, उसके बाद भी तू हमसे बड़ा दिख- डॉ केजी मिश्र
शाम-ए-यादगार संस्था द्वारा भवानी प्रसाद मिश्र और डॉ विनोद निगम को किया याद
गीत संगीत और काव्य रचनाओं से सजी भवानी दादा की जयंती की शाम
नर्मदापुरम। नर्मदांचल की प्रसि़द्ध साहित्यिक सांस्कृतिक संस्था शाम-ए-यादगार संस्था व सप्तक मित्र समूह द्वारा ग्वालटोली स्थित संस्था कार्यालय में कविवर भवानी प्रसाद मिश्र व नवगीतकार डॉ विनोद निगम की याद में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें गीत संगीत और काव्य रचनाओं की रोचक प्रस्तुति हुई। संगोष्ठी में शहर के वरिष्ठ साहित्यकार, कलाकार, पत्रकार और समाजसेवी मौजूद रहे।
इस अवसर पर डॉ कृष्ण गोपाल मिश्र ने कहा कि भवानी दादा ने कवियों को नई दिशा देते हुए साहित्य की नई ऊंचाईयों को छुआ था। भवानी दादा की काव्य रचनाओं का वर्णन करते हुए डॉ केजी मिश्र ने कहा भवानी दादा ने लिखा था कि जिस तरह हम बोलते है उस तरह तू लिख, उसके बाद भी तू हमसे बड़ा दिख। भवानी दादा और डॉ निगम के गीत साहित्य जगत में खूब पसंद किए जाते हैं।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष भवानी शंकर शर्मा ने कहा कि भवानी भाई कालजयी कवि थे मुुझे उनके साथ यात्रा करने का अवसर मिला है। डॉ निगम कला साहित्य और समाज को सहेजने में कुशल थे। उनकी क्षति हमेशा खलती रहेगी। समाजसेवी राकेश फाैजदार ने कहा कि भवानी दादा और डॉ निगम का साहित्यिक प्रेम पक्ष सभी को लुभाता है और सुहाता है।
दूरदर्शन आकाशवाणी कलाकार ओपी शर्मा, नमन तिवारी व राम परसाई, रामसेवक शर्मा व आनंद नामदेव ने गीत संगीत से समां बांधा, ओपी शर्मा के होली गीत सजनवा अबकी सावन तुम घर ही रहो, और सामूहिक प्रार्थना इतनी शक्ति हमें देना दाता मनका विश्वास कमजोर हो ना। डॉ संतोष व्यास के गीत मत बांधो पुटरिया अपयश की खूब पसंद की गई।
इस अवसर पर नगरश्री गिरिमोहन गुरू, क्षणिकाकार बाबूलाल कदम, महेश मूलचंदानी, खेमचंद यादवेश, सुभाष यादव, रामसेवक शर्मा ने काव्य रचनाएं प्रस्तुत की। संगोष्ठी में गोपीकांत घोष, बलराम शर्मा, शिव अवस्थी, कमलेश सक्सेना, संतोष यादव, मोहन यादव, ललित मोहन यादव, मुकेश यादव, लखन पारूलकर सहित यादव समाज के अनेक लोग मौजूद रहे। संचालन डॉ संतोष व्यास तथा आभार प्रदर्शन राम भराेष महाते ने किया।
मनोज सोनी एडिटर इन चीफ

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