नियमों को ताक पर रख नंदन ढाबे के पास कॉलोनाईजर काट रहे प्लाट, नहर पर बना दी रोड
एक एकड़ से कम एरिया की प्लाटिंग करने पर नहीं होती टीएनसीपी
रेरा के नियमों का भी नहीं हो रहा पालन
भोले भाले लोगों को फंसाते हैं जाल में
नर्मदापुरम। शहर में कॉलोनाईजर और डेवलपर्स लोगों के लिए कॉलोनी बनाकर प्लाट तो काट देते हैं लेकिन वे नियमों का पालन नहीं करते । यह लोग भोले भाले लोगों को अपने जाल में फंसा कर कॉलोनी में प्लाट उपलब्ध करा देते हैं। यह बात जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है। सूत्रों की माने तो रेरा के नियमों का पालन नहीं करते हैं इसके साथ ही अन्य सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराते और उसके बाद जिन्होंने कॉलोनी में प्लाट लिया है या फिर मकान बनाया है वह न्याय के लिए कलेक्ट्रेट और कोर्ट के आए दिन चक्कर काटते रहते हैं। लोगों को यह कॉलोनाईजर जाल में फंसाते हैं। और तो और सुविधाओं कि कहते हैं , लेकिन देते नहीं और प्लाट बेचकर रफू चक्कर हो जाते हैं। उसके बाद लोग परेशान होते रहते हैं। कई शिकायत और मामले पहले भी हो चुके हैं। परेशान होकर अब कोर्ट , कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। शहर में ऐसी कई कालोनियां हैं जहां कॉलोनी वासियों को सुविधा नहीं मिल रही हैं और वे आए दिन शिकायत भी दर्ज करते हैं , लेकिन इसका कोई फर्क नहीं पड़ता।
गौरतलब है कि नंदन ढाबे से पहले बिना नाली , बिजली डीपी के कट रही कॉलोनी
डबल फाटक के आगे इटारसी रोड पर नंदन ढाबे से पहले अभय सिंह नामक व्यक्ति एक अन्य व्यक्ति की पार्टनरशिप में बिना नाली , बिजली डी पी के कॉलोनी काट रहे हैं। मात्र एक एकड़ जमीन पर दोनों ओर प्लाटिंग कर नक्शा बनाया गया है। नहर के ऊपर से सड़क बनाकर कॉलोनी को जोड़ा गया है। इसमें किसी प्रकार की कोई टीएनसीपी हुई है। कारण यह है की नियमानुसार ढाई एकड़ से कम एरिया की प्लाटिंग के लिए टीएनसीपी नहीं होती है । रेरा के नियम भी लागू नहीं होते हैं तो फिर किस प्रकार प्लाट काटकर मनमानी ढंग से भोले भाले लोगों को ठगा जा रहा है।
जमीन का लैंड यूज खेती का , परमिशन में परेशान होंगे लोग
यहां पर जो प्लाट काटे जा रहे हैं, उसकी जमीन का लैंड यूज भी खेती का है । मकान बनाने में लोगों को परमिशन लेते वक्त अनेकों परेशानी आने वाली है, लेकिन कालोनाईजर यही खेल करते हैं। प्लॉट बेचकर रफू चक्कर हो जाते हैं और खरीदने वाले हैरान परेशान होकर दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं । आए दिन यह समस्या देखने में आती है। बुधनी के शर्मा बंधुओं ने मालाखेड़ी रोड पर जो मल्टी का निर्माण किया उसमें आज भी लोग कोर्ट और कलेक्ट्रेट के चक्कर काट रहे हैं। नियमों की अनदेखी कर कॉलोनी के लोगों को परेशान करने वाले कालोनाईजर पर नए नियमों के अनुसार रासुका तक लगाई जा सकती है फिर भी अपने पैसे के बल पर वह राजनीतिक प्रभाव दिखलाकर यह लोग मनमानी ढंग से काम करते हैं ।
शहर के कई कॉलोनीवासी होते हैं परेशान
गौरतलब हो कि शहर में कई कॉलोनीवासी आए दिन सड़क, पानी , बिजली, साफ सफाई सहित अन्य चीजों के लिए परेशान होते रहते हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं होती। इसके साथ ही लोग पानी की समस्या से आए दिन जूझते हैं। इसके साथ ही कई बार लोग इसकी शिकायत भी शासन स्तर पर करते हैं लेकिन फिर भी कोई फर्क नहीं पड़ता और लोग परेशान होते रहते हैं।


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