ममता का बयान मानसिक दिवालियापन की निशानी-- जय किशोर चौधरी संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नही दिया जायेगा ममता बनर्जी न्याय पालिका पर ही उंगली उठा रही है। जो कि निन्दनीय है - AKN News India

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Friday, 24 May 2024

ममता का बयान मानसिक दिवालियापन की निशानी-- जय किशोर चौधरी संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नही दिया जायेगा ममता बनर्जी न्याय पालिका पर ही उंगली उठा रही है। जो कि निन्दनीय है



 
ममता का बयान मानसिक दिवालियापन की निशानी-- जय किशोर चौधरी

संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नही दिया जायेगा

ममता बनर्जी न्याय पालिका पर ही उंगली उठा रही है। जो कि निन्दनीय है



नर्मदा पुरम। लोकसभा चुनाव के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट तृणमूल सरकार की ओर से वर्ष 2010 के बाद जारी सभी ओबीसी प्रमाण पत्र को रद्द कर दिया। हाईकोर्ट के इस फैसले ने ओबीसी के तहत मुसलमानों को दिये गये आरक्षण को भी रद्द कर दिया। संविधान में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि किसी को भी धर्म के आधार पर आरक्षण नही दिया जायेगा। इस फैसले को लेकर पश्चिम्म बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जो विवादित बयान दिया है, उसमें कहा गया है कि हम हाईकोर्ट के निर्णय को नहीं मानेगे।

 इस पर भारतीय जनता पार्टी पिछड़ा वर्ग मोर्चा के जिलाध्यक्ष जय किशोर चौधरी ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि इस तरह के बयान देकर ममता बनर्जी ने देश की न्याय पालिका पर उंगली उठाते हुए संविधान को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है बार-बार संविधान दुहाई देने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री न्यायालय के इस आदेश को ना मानने से प्रदेश में अराजकता फैलाने का कार्य कर रही है। श्री चौधरी ने यह बात भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान पत्रकारों से कहीं और उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री 
 न्याय पालिका को प्रभावित करने के लिए और एक विशेष वर्ग को आरक्षण का लाभ पहुँचाने के लिये ममता सरकार ने 2011 में 17 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण चल रहा था, उसमें 35 जातियां और जोड़ने का आदेश निकाला गया । जिसमें से 33 जातियां मुस्लिम थी और इस आदेश से एक विशेष वर्ग को लाभ पहुँचाने का कुत्सित प्रयासों को न्याय पालिका ने रोक दिया है। इस पर ममता बनर्जी न्याय पालिका पर ही उंगली उठा रही है। जो कि निन्दनीय है।

श्री चौधरी ने कहा कि यह पहली बार नहीं है बल्कि सत्ता के लालच में मानसिक दिवालियापन का परिचय देते हुए ममता बनर्जी और उनकी सरकार के मंत्री तुष्टिकरण की राजनीति का लाभ लेने के लिए इस तरह के बयान जारी करते हैं, जिससे हमारे देश की धर्म संस्कृति और परंपरा को आघात पहुंचता है।
रामकृष्ण मिशन और भारत सेवाश्रम संघ किसी भी राजनीतिक दल के लिए नहीं बल्कि देश में मानव सेवा, संस्कृति रक्षा सनातन धर्म के प्रचार प्रसार हेतु काम करती है इसी वजह से अकेले भारत ही नही बल्कि विश्व भर में इन संस्थानों को जाना जाता है। इन पर टिप्पणी करने से पहले ममता जी को यहां आकर उनकी भलाई के कामों का अध्ययन करना चाहिए।

श्री चौधरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि देश में लोस चुनाव में देश विरोधी ताकतों के एक होने के बाबजूद उन्हे जनता सिरे से नकार रही है। देश में एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनाने जा रही है। बीजेपी की लहर और हर चरण में मिल रही सफलता से खीझकर विरोधी दल उलजलूल बयान देकर अपनी हार का संकेत देते साफ नजर आ रहे है।

सत्ता संभाल रही ममता बनर्जी ने वोट बैंक की राजनीति करते हुए बांग्लादेशियों और रोहिंग्याओं को ओबीसी प्रमाण पत्र बनाकर दिये धर्म के आधार पर असंवैधानिक आरक्षण देने वाली ममता बनर्जी को एक दिन भी मुख्य मंत्री पद पर रहना का अधिकार नही है।






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