प्रधानमंत्री आवास घोटाला- उपयंत्री वर्मा की नगरपालिका में पुनः नियुक्ति से उठ रहे सवाल शाम को 4 बजे निकल जाते हैं कार्यालय से, सीहोर से करते हैं अप डाउन दो जगह का प्रभार होने से जल्दी कार्यालय छोड़ते हैं वर्मा, काम हो रहे हैं प्रभावित - AKN News India

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Monday, 24 June 2024

प्रधानमंत्री आवास घोटाला- उपयंत्री वर्मा की नगरपालिका में पुनः नियुक्ति से उठ रहे सवाल शाम को 4 बजे निकल जाते हैं कार्यालय से, सीहोर से करते हैं अप डाउन दो जगह का प्रभार होने से जल्दी कार्यालय छोड़ते हैं वर्मा, काम हो रहे हैं प्रभावित



 प्रधानमंत्री आवास घोटाला- उपयंत्री वर्मा की नगरपालिका में पुनः नियुक्ति से उठ रहे सवाल

शाम को 4 बजे निकल जाते हैं कार्यालय से, सीहोर से करते हैं अप डाउन

दो जगह का प्रभार होने से जल्दी कार्यालय छोड़ते हैं वर्मा, काम हो रहे हैं प्रभावित


नर्मदापुरम। प्रधानमंत्री आवास योजना घोटाले की जांच चल रही है। इसी बीच रमेश कुमार वर्मा की नगर पालिका में पुनः नियुक्ति कई सवाल खड़े कर रही है। कहीं यह दोषियों को बचाने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। करोड़ों रुपए की अनियमितता का मामला उजागर होने के बाद अधिकारियों पर जांच की तलवार लटक रही। यह बात जिला मुख्यालय पर जनचर्चा का विषय बनी हुई है।

गौरतलब है कि सहायक यंत्री पर गरीबों के खातों में राशि डालकर वापस निकालने और बंदरबांट करने का मामला चर्चा में है। श्री वर्मा को दोबारा नर्मदापुरम में पदस्थ करने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मालूम हो कि सीहोर से आते हैं वे नगर पालिका कार्यालय 4 बजे छोड़ देते हैं जिससे काम प्रभावित हो रहे है। 

सोशल मीडिया पर भी विरोध, जांच निष्पक्ष हो

राजनीतिक रसूख के चलते वर्मा की नियुक्ति हुई है। सोशल मीडिया पर भी विरोध हो रहा है। लोगों ने भी विरोध जताया है। श्री वर्मा की नियुक्ति से सीहोर के विकास कार्य रुकना चर्चा में हैं। उल्लेखनीय है कि पीएम आवास घोटाले की जांच कैसे आगे बढ़ती है और दोषियों को कब तक सजा मिलेगी कुछ कहा नहीं जा सकता है। नर्मदापुरम और सीहोर के विकास कार्यों का भविष्य अब प्रशासनिक निर्णयों पर निर्भर करता है। लोगों का कहना है कि मामले की पूरी जांच निष्पक्ष और ईमानदारी से होना चाहिए। सहायक यंत्री वर्मा मूल पद उपयंत्री को सप्ताह में दो तीन दिन तकनीकी कार्यों के लिए बुलाया गया है। अब हफ्ते में दो दिन यहां आने से सीहोर में विकास कार्य को गति नहीं मिल पाएगी। 3 दिन वहां काम करने से विकास की गति धीमी पड़ जाएगी। मालूम हो कि अपने मूल पद और नई जिम्मेदारियों के बीच कैसे काम कर पाएंगे। 

सामाजिक संगठनों ने जताया आक्रोश

 नागरिक और सामाजिक संगठनों ने इस निर्णय के खिलाफ आक्रोश जताया है। वर्मा को सिर्फ एक ही नगर पालिका में कार्य करने की बात कही जा रही है। इस मुद्दे पर तुरंत कदम उठाना चाहिए । प्रशासन को इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करना चाहिए। सीहोर के लोगों ने कहा यह प्रशासन का पूरी तरह से असफल निर्णय है। इनसे एक ही जगह पर काम कराना चाहिए।  

सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ रहा मुद्दा

सोशल मीडिया पर भी उन की पदस्थापन का मुद्दा जोर पकड़ रहा है। लोगों ने इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर किया है। आमजन ने विभिन्न प्लेटफार्मों पर अपने गुस्से और चिंता को व्यक्त किया है। श्री वर्मा की दोहरी जिम्मेदारी से सीहोर के विकास कार्य रुक सकते हैं। जनचर्चा यह है कि कार्यों का विभाजन किया जाए ताकि दोनों नगरपालिकाओं के विकास कार्यों में कोई बाधा न आए। सुनिश्चित हो सके और किसी भी प्रकार के दुरुपयोग को रोका जा सके।

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