मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
कृषि विभाग ने किसानों को धान, सोयाबीन फसल में जल निकास एवं पौध संरक्षण प्रबंधन की सलाह दी
नर्मदापुरम। संयुक्त संचालक किसान कल्याण तथा कृषि विकास नर्मदापुरम संभाग बी.एल. बिलैया द्वारा संभाग के जिलों के पान, सोयाबीन उत्पादक कृषकों को समसामयिक सलाह दी गई है कि वर्तमान में जिला नर्मदापुरम, हरदा एवं बैतूल में सामान्य वर्षा हुई है। कुछ क्षेत्रों में सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण जलभराव की स्थिति निर्मित होने से फसल वृद्धि पर असर पड़ सकता है। अतः खेतों से जल निकासी के लिए उचित जल निकास की व्यवस्था करें ताकि खेतों में भरा पानी खेत से बाहर निकल निकल सके।
धान फसल में रोपाई के पश्चात् अधिक समय तक जलभराव होने से फसल की ग्रोथ पर प्रभाव पड़ता है। अतः अतिरिक्त जल निकासी यथा संभव किया जाना उपयोगी होगा। इसी प्रकार सोयाबीन फसल में 48 घंटे पूर्व जल निकास का कार्य आवश्यक रूप से किया जावें। ताकि फसल का अधिक उत्पादन लिया जा सके। सोयाबीन की फसल पर चक्र भृंग एवं पत्ती खाने वाली इल्लियां तथा पीला मोजेक वायरस रोग से बचाव के लिए कृषकों को सलाह दी जाती है कि अपनी फसल की सतत निगरानी करते रहे एवं किसी भी कीट या रोग के प्रारंभिक लक्षण दिखते ही निम्नानुसार नियंत्रण के उपाय अपनायें।
पीला मोजेक रोग के नियंत्रण हेतु सलाह है कि तत्काल रोग ग्रस्त पौधों को खेत से उखाड़ कर निस्कासित करें तथा इन रोगो फैलाने वाले वाहक सफेद मक्खी की रोकथाम हेतु पूर्व मिश्रित कीटनाशक थायोमिथाक्सम + लेम्डासायहेलोथिन (125 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) या बीटा सायफ्लुचिन इमिडाक्लोप्रिड (350 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। चक्रभृंग के नियंत्रण हेतु प्रारंभिक अवस्था में ही टेट्रानिलीप्रोल 18.18 एस.सी. (250-300 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) या थायक्लोप्रिड 21.7 एस.सी. (750 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) या प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी. (1 लीटर प्रति हेक्टेयर) या इमामेक्टीन बेन्जोएट (425 मि.ली. प्रति हेक्टेयर) का छिड़काव करें यह सलाह दी जाती है।
धान फसल में रस चूसक कीट की रोकथाम हेतु एसिटामी क्लोप्रिड 20 एस.पी. मात्रा 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर या थायोमेथाक्जिम 25 डब्ल्यू जी मात्रा 125 मिलीलीटर प्रति हेक्टर का उपयोग करें एवं पत्ती खाने वाले कीट हेतु प्रोफेनोफॉस 50 ई.सी. मात्रा 1.25 लीटर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें। सामान्य सलाह पीला मोजेक रोग फैलाने वाले वाहक सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु कृषक अपने खेत के विभिन्न स्थानों पर पीला स्ट्रिकी ट्रेप लगाए। सोयाबीन एवं धान फसल पर अनुशंसित रसायनों के छिड़काव में पर्याप्त पानी की मात्रा नेपसॅक स्प्रेयर 450 लीटर प्रति हेक्टर पावर स्प्रेयर से 125 लीटर प्रति हेक्टेयर उपयोग करें। किसी भी प्रकार का आदान क्रय करते समय दुकानदार से हमेशा पक्का बिल लें। जिस पर बैच नंबर एक्सपायरी दिनांक स्पष्ट लिखी हों। जिन रसायनों को मिश्रित उपयोग की वैज्ञानिक अनुशंसा या पूर्व अनुभव नहीं हैं ऐसे मिश्रण का कदापि नहीं करे। इसके अलावा कृषि परामर्श के लिए नजदीकी कृषि कार्यालय संपर्क करें।

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