मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
शासन के निर्देशानुसार जिले में भिक्षावृत्ति वाले स्थानों को किया जा रहा चिन्हांकित
भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का सर्वेक्षण कर उन्हें जोड़ा जाएगा मुख्य धारा से
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश शासन सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के दिशा निर्देश अनुसार प्रदेश में भीख मांगने वाले व्यक्तियों अथवा भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों को समाज की मुख्य धारा में जोड़ने हेतु सर्वेक्षण/ पहचान, मोबिलाइजेशन, पुनर्वास और आजीविका तथा भिक्षा मांगने के लिए व्यक्तियों को नियोजित करने या उनसे भिक्षा मंगवाने के प्रयोजन हेतु उपयोग करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करते हुए "भिक्षावृत्ति मुक्त मध्य प्रदेश" किया जाना है।
उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर नर्मदापुरम द्वारा गत दिवस समय सीमा बैठक में उक्त संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया था। तत्सबंध में के भिक्षावृत्ति वाले स्थान का चिन्हांकन तथा भिक्षावृत्ति में लिप्त व्यक्तियों का सर्वेक्षण प्रारंभ किया गया। इस कार्यवाही में नर्मदापुरम शहर में सेठानी घाट पर 12 पुरुष एवं 18 महिला कुल 30 व्यक्ति भिक्षा मांगने हेतु बैठे पाए गए। सभी भिक्षुकों के विषय में जानकारी ली गई जिसमें पाया गया कि अधिकांश भिक्षुक अन्य जिलों के हैं जो की नर्मदा परिक्रमा हेतु तथा कुछ अमावस्या स्नान करने आए हुए हैं। जिनका कहना था कि कुछ समय बाद वह अपने-अपने घर वापस चले जाएंगे।
मौके पर उपस्थित सिटी मजिस्ट्रेट असवन राम चिरामन, उपसंचालक सामाजिक न्याय डॉ.बबीता राठौर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी हेमेश्वरी पटले, जिला कार्यक्रम अधिकारी ललित डेहरिया, तहसीलदार देव शंकर धुर्वे एवं श्रम निरीक्षक सरिता साहू द्वारा सभी भिक्षावृति में लिप्त व्यक्तियों को समझाइश दी गई की वह अपने गृह जिले वापस जाएं तथा भिक्षा मांगने का कृत्य ना करें। उनके लिए शासन द्वारा सर्व सुविधायुक्त युक्त वृद्ध आश्रमों का संचालन किया जा रहा है, जहां वे आराम से रह सकते हैं।
उक्त कार्रवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण कार्य किया गया कि महेश साहू निवासी मटकुली जो की सेठानी घाट पर भिक्षा मांगने हेतु बैठे थे उनकी आजीविका की व्यवस्था करते हुए नर्मदापुरम निवासी कैलाश साहू द्वारा महेश को औद्योगिक क्षेत्र में यथोचित कार्य पर रखा गया जो कि प्रशासन की भिक्षावृत्ति उन्मूलन के क्षेत्र में अभूतपूर्व पहल है।

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