सहकारी बैंक के घाटे को कम करते हुए उसे लाभ की स्थिति में लाया जाए : संभागायुक्त
किसानों को डीएपी की जगह एनपीके उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए
पशु हेल्पलाइन नंबर 1962 का व्यापक प्रचार प्रसार किया जाए
स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देते हुए उन्हें तराशा जाए
संभागायुक्त ने विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा की
नर्मदापुरम। नर्मदापुरम में सहकारी बैंक की स्थिति अत्यंत दयनीय है वर्तमान में एनपीए 75% है। फाइनेंसिंग की कमी है। इन सब को दृष्टिगत रखते हुए विशेष प्रयास करके सहकारी बैंक को घाटे से उबारा जाए और उसे लाभ की स्थिति में लाया जाए। उक्त निर्देश नर्मदापुरम संभागायुक्त के जी तिवारी ने बुधवार को आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक विनय प्रकाश को दिए। विनय प्रकाश ने बताया कि उन्होंने डिफॉल्टरों की सूची निकाल कर सभी जगह एवं सभी डिफॉल्टरों को प्रेषित की है। धीरे-धीरे रिकवरी करते हुए बैंक को लाभ की स्थिति में लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि क्रिस्क योजना के माध्यम से राजस्व अधिकारियों के सहयोग से भी रिकवरी के प्रयास किये जा रहे हैं। संभागीय समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने प्रथम सत्र में किसान कल्याण एवं कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, मार्कफेड, जिला मत्स्य विभाग, जिला उद्यानिकी विभाग, पशुपालन विभाग की समीक्षा की तथा द्वितीय सत्र में सूक्ष्म मध्य लघु उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग, जिला रेशम विभाग, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं एवं प्रगति की समीक्षा की। संभागायुक्त ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की डीएपी की जगह एनपीके को विकल्प के रूप में अपनाया जाए, इसके लिए किसानों को डीएपी की जगह एनपीके प्रयोग के लिए प्रेरित किया जाए। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि किसानों को एनपीके उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित एवं जागरूक भी किया जाए। उन्होंने कृषि विभाग की खाद एवं पोषण सुरक्षा योजना, राष्ट्रीय मिशन आन इंडिबल आयात तिलहन योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, सब मिशन ऑन सीड ऐंड प्लाटिंग मटेरियल अंतर्गत बीजयाम कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना स्प्रिंकलर पाइपलाइन ड्रिप, बलराम तालाब, नलकूप खनन योजना, राज्य मिलेट मिशन, मृदा स्वास्थ्य मैनेजमेंट आदि की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने कहा कि कृषि विभाग के सभी उपसंचालक अपने वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी को पर्याप्त दिशा निर्देश देते हुए उनसे मैदानी स्तर पर बेहतर कार्य करा कर दिखाएं। उन्होंने उड़द और मूंग का उत्पादन रकबा बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि मूंग और उड़द का उत्पादन विशेष तौर पर बढ़ाया जाए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त ने तीनों जिलों के पशु चिकित्सा सेवाओं के उपसंचालक को निर्देश दिए कि वह पशु हेल्पलाइन नंबर 1962 का व्यापक प्रचार प्रसार ग्राम पंचायत स्तर तक कराना सुनिश्चित करें। हेल्पलाइन नंबर 1962 के माध्यम से पशु पालन विभाग की एंबुलेंस सीधे बीमार पशुओं को घर तक लेने आती है और उन्हें उपचार सहायता प्रदान करती है। संभागायुक्त ने कहा कि हेल्पलाइन नंबर से समस्त पशुपालक अवगत रहे। संभागायुक्त ने खेल विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिए कि जिले में बहुत सारी खेल प्रतिभाएं हैं जो संसाधनों के अभाव में दम तोड़ रही हैं ऐसी खेल प्रतिभाओं को चिन्हित कर जिला खेल अधिकारी स्थानीय स्तर पर उन्हें सुविधाएं मुहैया कराए। स्थानीय खेल प्रतिमाओं को प्रोत्साहन देते हुए उन्हें तराशा जाए। संभागायुक्त ने कहा कि हम ऐसे खिलाड़ी तैयार करें जो स्टेट, नेशनल एवं इंटरनेशनल स्तर पर अपना प्रदर्शन कर जिले एवं प्रदेश के साथ ही देश का नाम भी रोशन कर सके। बताया गया कि जिले में हॉकी टर्फ स्टेडियम है। खेल विभाग की ओर से चार अलग-अलग खेलों के लिए चार कोच की तैनाती की गई है जो खिलाड़ियों को विभिन्न खेल गतिविधियों का प्रशिक्षण देते हैं। जिला खेल अधिकारी उमा पटेल ने बताया कि 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के अवसर पर विभिन्न खेल गतिविधिया आयोजित कि गई थी। युवा उत्सव में भी खेल विभाग अपना सहयोग देता है। सभी बच्चों को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाती है।
संभागायुक्त ने उद्यानिकी विभाग की एकीकृत बागवानी मिशन कार्यक्रम की समीक्षा की। बताया गया कि इसके अंतर्गत 16 स्कीम संचालित है। उन्होंने नर्मदापुरम बैतूल और हरदा में प्लांटेशन की स्थिति की समीक्षा की तथा बैतूल में प्लांटेशन की अद्यतन स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने प्लांटेशन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने सब्जी विस्तार योजना, मसाला विस्तार योजना की भी समीक्षा की। बताया गया कि मसाला विस्तार योजना में अभी मात्र धनिया का ही क्राफ्ट लिया जा रहा है। पुष्प क्षेत्र विस्तार के अंतर्गत बताया गया की 41 हेक्टेयर में से 40 हेक्टेयर में कार्य पूरा किया गया है। बताया गया कि किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उपसंचालक उद्यानिकी रीता उइके ने बताया कि विभाग की विभिन्न योजनाओं से विस्थापित ग्राम के अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के किसानों को लाभान्वित भी किया गया है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए की शासन द्वारा विभाग को मिले लक्ष्य को हर हाल में पूरा किया जाए।
बैठक में जिला रेशम अधिकारी रविंद्र सिंह ने बताया कि महिलाएं रेशम से जुड़कर 1 एकड़ के क्षेत्र में प्लांटेशन कर 2 लाख 60 रुपए की आय अर्जित कर रही है। उन्होंने बताया कि ई-रेशम पोर्टल पर किसानों को अपना पंजीयन करना होता है। उसके बाद अधिकारियों की टीम किसानो की जमीन का आकलन करती है कि यह जमीन मलबरी उत्पादन के लायक है कि नहीं। उसके पश्चात किसानों को मलबरी तसर प्लांटेशन के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने बताया कि किसानों से ककून भी खरीदा जाता है। उन्होंने बताया कि नर्मदापुरम के प्राकृतिक शोरूम से इस वर्ष 17 लाख 24 हजार रुपए तक की आय प्राप्त हुई है।
जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि नर्मदापुरम में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना अंतर्गत नवीन तकनीकी बायो फलांक पौंड के माध्यम से हाई डेंसिटी में मत्स्य पालन का कार्य मत्स्यपालको द्वारा किया जा रहा है। मत्स्य पालन विभाग द्वारा पशुपालन विभाग के अंतर्गत समन्वित रूप से मत्स्य पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन एवं हॉर्टिकल्चर विभाग के अंतर्गत तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं के आसपास बागवानी एवं कृषि का कार्य मत्स्य पालकों द्वारा किया जा रहा है।
संभागीय समीक्षा बैठक में संयुक्त आयुक्त विकास जी सी दोहर, संयुक्त संचालक कृषि बीएल बिलैया, संयुक्त संचालक सहकारिता श्रीकांत पांडे, डीआरसीएस शिवम मिश्रा, उपसंचालक कृषि जे आर हेडाऊ, जिला रेशम अधिकारी रविंद्र सिंह, जिला खेल अधिकारी उमा पटेल, महाप्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग कैलाश माल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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