मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
27 सितम्बर से सेठानीघाट पर प्रारंभ होगा 18 दिवसीय श्री रामलीला महोत्सव
नर्मदा पुरम। श्री रामलीला महोत्सव का यह 144 वां वर्ष है जिसमें श्रीराम ,जानकी , लक्ष्मण ,भरत और शत्रुघ्न के पात्रों द्वारा दोपहर में बड़े श्रीराम मंदिर में मुकुट पूजन और अनुष्ठान से श्रीराम लीला महोत्सव की शुरुआत होगी। इसके पश्चात रात्रि ठीक 8 बजे से सेठानी घाट पर बनाये गए भव्य मंच से प्रथम दिवस श्री शंकर विवाह और नारद मोह की लीला का आकर्षक मंचन होगा ।
महोत्सव के अंतर्गत 8 अक्टूबर तक सेठानीघाट पर क्रमशः लीलाओं के मंचन होंगे। जिसमें 28 सितंबर को मनुचरित श्रीराम जन्म, 29 को ताड़का वध, 30 को नगर दर्शन पुष्प वाटिका, 1 अक्टूबर को धनुष यज्ञ लक्ष्मण- परशुराम संवाद और 2 अक्टूबर को भगवान श्रीराम की बारात सेठानीघाट से सायंकाल ठीक 5 बजे प्रमुख मार्गों से निकाली जावेगी। 3 अक्टूबर को श्रीराम वनवास, 4 अक्टूबर को दशरथ मरण केवट प्रसंग, 5 अक्टूबर को भरत-मिलाप, 6 अक्टूबर को सीता हरण, 7 अक्टूबर को श्रीराम-सुग्रीव मैत्री, 8 अक्टूबर को लंका दहन की लीलाओं का मंचन होगा ।
श्रीराम-रावण के युद्ध की लीलाएं दशहरा मैदान में अपरान्ह 4:30 से विजया दशमी तक प्रतिदिन होगी। जिसमे 9 अक्टूबर को लक्ष्मण शक्ति, 10 अक्टूबर को कुम्भकरण वध,11 अक्टूबर को मेघनाद वध और 12 अक्टूबर को रावण वध की लीलाओं का मैदानी मंचन होगा ।
पश्चात पुनः सेठानीघाट पर 13 अक्टूबर को उत्तर भरत मिलाप , 14 अक्टूबर को श्रीराम राज्याभिषेक की लीलाओं का मंचन होगा। 15 अक्टूबर को बड़े श्रीराम मन्दिर में हवन शांति के साथ श्रीराम लीला महोत्सव का समापन होगा, उक्त जानकारी श्री रामलीला समिति के संयोजक प्रशांत मुन्नू दुबे ने दी।

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