मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
डेरी उद्योग का व्यवसाय स्थापित कर कुलजीत कौर बनी सफल उद्यमी
पीएमएफएमई योजना का लाभ लेकर शुरू किया खुद का व्यवसाय, दूसरो को भी दे रही रोज़गार
नर्मदापुरम। अपनी लगन और इच्छा शक्ति से नर्मदापुरम जिले की निवासी श्रीमती कुलजीत कौर ने नामधारी डेयरी से डेयरी व्यवसाय प्रारंभ किया था। जिससे उनकी सालाना आमदनी 1 लाख 50 हज़ार रुपए मात्र थी। उक्त व्यवसाय से उनको पर्याप्त आय नही हो पा रही थी।
श्रीमती कौर ने अपने डेयरी व्यवसाय के विस्तार के लिए उद्यानकी विभाग से संपर्क कर पीएमएफएमई योजना के बारे में जानकारी प्राप्त की। विभाग द्वारा उक्त योजना अंतर्गत श्रीमती कुलजीत कौर को 31 लाख 78 हजार रुपए की राशि की सहायता, ऋण के रूप में उपलब्ध करवाई गई। इस राशि का उपयोग उन्होंने दुग्ध उत्पाद बनाने की मशीन खरीदने में किया।
उन्होंने अपने डेरी व्यवसाय की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रकार के दुग्ध उत्पाद जैसे श्रीखंड, रबड़ी, घी, पनीर आदि का निर्माण और विक्रय शुरू किया। डेयरी व्यवसाय में विविधता हो जाने के कारण वे आर्थिक रूप से सशक्त हुई। डेयरी उत्पादों के उत्पादन और बिक्री से श्रीमती कौर आज सालाना 6 लाख रुपए से ज्यादा की कमाई कर रही है जो उनकी पूर्व आय से चार गुना अधिक है।
इतना ही नहीं श्रीमती कौर ने आठ अन्य लोगों को भी अपने व्यवसाय के जरिए रोजगार प्रदान किया जिससे उन लोगों के जीवन में एक सकारात्मक परिवर्तन आया। कुलजीत कौर की सफलता यह सिद्ध करती है कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना का सही उपयोग करके छोटे उद्यमी भी अपने व्यवसाय का विस्तार कर व्यापारिक क्षेत्र में सफल हो सकते हैं।


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