मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
डॉक्टर्स डे विशेष रिपोर्ट
डॉक्टर नहीं, रौशनी हैं वो डॉ. मारन को समर्पित
मानव सेवा ही सबसे बड़ी सेवा है- डॉ मारन
भोपाल। जहाँ विज्ञान रुकता है, वहाँ सेवा शुरू होती है और यही सेवा जब किसी डॉक्टर का स्वभाव बन जाए, तो वह सिर्फ डॉक्टर नहीं, समाज की रोशनी बन जाता है।
डॉ. प्रियंका मारन, प्रभु प्रेम नेत्रालय की संस्थापक और प्रमुख नेत्र विशेषज्ञ, आज सिर्फ आंखों की रोशनी नहीं लौटातीं — वे उम्मीद लौटाती हैं, आत्म विश्वास लौटाती हैं, और जीवन को जीने का नया नज़रिया देती हैं।
25,000 से अधिक ऑपरेशन, 5,000 से भी अधिक नि: शुल्क प्रभु प्रेम नेत्रालय की 7 वर्षों की यात्रा में अब तक 25,000 से अधिक नेत्र ऑपरेशन हो चुके हैं।इनमें से 5,000 से अधिक ऑपरेशन नि:शुल्क किए गए विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण निर्धनों के लिए।डॉ. प्रियंका की सोच स्पष्ट है “नेत्र चिकित्सा एक अधिकार है, सौभाग्य नहीं।”
महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष अभियान भोपाल के औद्योगिक क्षेत्र मंडीदीप स्थित कन्या विद्यालय को गोद लेकर उन्होंने छात्राओं के लिए नियमित नि:शुल्क नेत्र परीक्षण व उपचार की व्यवस्था की है। उनका मानना है कि जब एक लड़की स्पष्ट देखती है, तो वह स्पष्ट सोचती है और वही सोच आगे चलकर समाज बदलती है। डॉ. प्रियंका का संदेश सेवा मेरा धर्म है इस डॉक्टर्स डे पर अपने विचार साझा करते हुए उन्होंने कहा:“मुझे मेरे पेशे से ही नहीं, मेरी सेवा से भी प्रेम है।
मेरा उद्देश्य केवल इलाज करना नहीं, बल्कि हर उस अंधकार को मिटाना है जहाँ रोशनी की कोई उम्मीद नहीं बची। जब कोई बुजुर्ग फिर से अपने पोते को देख लेता है, या बच्चा फिर से किताब पढ़ लेता है वही मेरी असली सफलता है।
डॉक्टर दिवस पर सम्मान, प्रेरणा और कृतज्ञता डॉ मारन उन डॉक्टरों की प्रतीक हैं, जो केवल रोग नहीं मिटाते, बल्कि अंधकार भी हर लेते हैं उनकी सेवा भावना, संवेदनशीलता और दृढ़ निश्चय लाखों लोगों के लिए प्रेरणा है। डॉक्टर्स डे के इस अवसर पर, प्रभु प्रेम नेत्रालय और समस्त जनमानस की ओर से उन्हें हार्दिक नमन और आभार।डॉ. मारन एक नाम, जो अब सिर्फ डॉक्टर नहीं, समाज की आँखों में रौशनी है।


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