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Sunday, 9 November 2025

पर्यावरण संरक्षण का सटीक उपाय - मयंक गुर्जर, DFO पिज्जा ढूढ़ने के लिए मोबाइल एप हैं लेकिन वृक्षारोपण के लिए जगह नहीं- रुद्राक्ष



 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 


पर्यावरण संरक्षण का सटीक उपाय - मयंक गुर्जर, DFO 

पिज्जा ढूढ़ने के लिए मोबाइल एप हैं लेकिन वृक्षारोपण के लिए जगह नहीं- रुद्राक्ष


नर्मदा पुरम। सृष्टि सेवा संकल्प, जिला नर्मदापुरम इकाई द्वारा  रविवार को “माता भूमि पुत्रोहम पृथ्वीया" इस विषय पर “प्रबुद्धजन संगोष्ठी” का आयोजन प्रेरणा कान्वेंट स्कूल, हरदा रोड नर्मदापुरम में सम्पन्न हुआ।

  कार्यक्रम का शुभारम्भ अतिथियों द्वारा वृक्षपूजन, गुरु अथर्ववेद पूजन व दीप प्रज्वलन कर  किया गया एवं कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से किया गया।कार्यक्रम की  अध्यक्षता  श्री मयंक सिंह गुर्जर,  IFS एवं DFO नर्मदापुरम  ने की।मुख्य अतिथि के रूप में सुश्री चित्रा हरने संस्थापक गृह उद्योग नेटवर्क नर्मदापुरम दंगे उपस्थित रही। मुख्यवक्ता के रूप में रुद्राक्ष पाठक  सामाजिक उद्यमियों मीडिया एवं फिल्म निर्माता, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य सृष्टि सेवा संकल्प उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए सृष्टि सेवा संकल्प के अखिलेश गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि नर्मदापुरम जिला इकाई पर्यावरण के क्षेत्र में जन जागरण को लेकर विगत 2 वर्षों से पर्यावरण संगोष्ठी, वृहद वृक्षारोपण,पितरों को तर्पण-वृक्षारोपण अभियान, वृक्षउत्सव, वन संचार कार्यक्रम, पहलगाम में हुए शहीदों की स्मृति में पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण आदि कार्य कर रहे हैं।

कार्यक्रम के मुख्यवक्ता रुद्राक्ष जी ने बताया कि  हमारे ऋषियों मुनियों के अनुसार हमारा प्रकृति के साथ माँ का संबंध है ( माता भूमि पुत्रोहम पृथ्वीया)। भारतमाता की जय का सही अर्थ यही है कि हम पृथ्वी को माता मानते हैं, हमें धरती से भावनात्मक रूप से जुड़ना होगा, यह तभी संभव है जब हम सादगीपूर्ण और स्थानीय जीवन शैली अपनाएं, शोषक नहीं संरक्षक बने, उपभोगी नहीं उपासक बनेंगे। कम से कम पांच पौधे लगाए और उन्हें तीन वर्षो तक ध्यान से पाले फिर वह पौधे वातावरण मे ढल कर निश्चित ही वृक्ष बन जाता है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ने बताया कि समुदाय आधारित वृक्षारोपण कर पर्यावरण को बचाया जा सकता है जल संरक्षण नदियों की स्वच्छता एवं पवित्रता की अभी बहुत आवश्यकता है जी ने बताया कि वेदों के अनुसार जीवन पद्धति जीने से नर से नारायण बनते हैं, किसी भी संगठन से जुड़ने से पूर्व उसके विचारों को जानना चाहिए, मानव को अपने विचारों में सकारात्मता लानी आवश्यक है।

अध्यक्ष सुश्री चित्रा हरने ने बताया कि अगर हम जोश के साथ एवं ईमानदारी से वृक्ष लगाए तो पर्यावरण संरक्षण के साथ ही मन को सुकून देती है।अतिथियों का स्वागत राजेन्द्र गिरी, विनय मेहरा,  विपिन चौधरी, सुरभि साहू ने किया। पर्यावरण के क्षेत्र में अतुलनीय कार्य करने वाली संस्थाओं का अभिनन्दन किया गया जिनमें प्रमुख रूप से अखिल भारती कायस्थ महासभा मातृशक्ति नर्मदापुरम (उपाध्यक्ष और स्वच्छता अभियान की संयोजक प्रीती खरे , जिला अध्यक्ष ज्योति अभय वर्मा ,सचिव सुमन वर्मा) ग्वाल नर्मदा सेना (संयोजक धनराज यादव, अध्यक्ष मोहन यादव, सचिव भूपेन्द्र यादव, सदस्य नरेन्द्र पटैल, सुनील यादव(पप्पू भैया), शैलेन्द्र यादव, तुकारा यादवेश, ललित मोहन यादव, कपिल यादव, सुनील यादव) और जिंदगी जन कल्याण शिक्षण समिति आनंदी शंकर गौशाला डोलरिया से अध्यक्ष आरती राजपूत, सचिव, कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। व्यक्तिगत सम्मान पीके पाठक का किया गया।कार्यक्रम की विभिन्न व्यवस्थायें रमेश मेहरा, अमन गौर, राहुल  जोशी, प्रिंस  साहू, आशीष गुप्ता, अमित नामदेव आदि सृष्टिसेवकों ने सम्भाली। डीएस डांगी, ललित सोनी, हरि शंकर सोनी, प्रमोद दुबे आदि का विशेष सहयोग रहा।




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