मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
शिक्षक पहले बच्चे की मनोदशा को समझें
समेरिटन्स विद्यालय में क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित
नर्मदापुरम। सीबीएसई के क्षमता विकास कार्यक्रम के तहत शनिवार को समेरिटंस विद्यालय सांदीपनी परिसर में शिक्षकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें रिसोर्स पर्सन सुरभि भंडारी, पल्लवी पारे चौकसे ने शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से प्रशिक्षित किया। उन्होंने बताया कि शिक्षकों को पहले बच्चों को मनोदशा को समझना चाहिए, इसके बाद उन्हें शिक्षा देने का काम करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि हमारे विद्यालय या कक्षा के सभी विद्यार्थी अलग अलग पृष्ठभूमि, वातावरण और परिस्थितियों से आते हैं। कई बार उनकी वास्तविक परिस्थिति को समझे बिना या जानकारी के अभाव में हम बच्चों को दंडित कर देते हैं। यह उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि बच्चे द्वारा होमवर्क नहीं करने या किसी भी प्रकार की शरारत करने पर हमें पहले उसकी परिस्थिति को समझने का प्रयास करना। चाहिए कि आखिर बच्चा ऐसा क्यों कर रहा है। उसके बाद उसकी समस्या का निराकरण करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों को कभी भी किसी के सामने डांट फटकार नहीं लगानी चाहिए इससे कई बार बच्चा हीन भावना का शिकार हो जाता है। उसे डांटने की बजाय उसकी परेशानी की समझकर उसे समझाना चाहिए तभी इसमें सुधार संभव है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 से अधिक शिक्षक शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान कई गतिविधियां भी कराई गईं। आरम्भ ने विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती प्रेरणा रावत ने रिसोर्स पर्सन का स्वागत किया।

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