मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
कहानी सच्ची है : मिशन परिवर्तन @100
परिवर्तक अधिकारियों के प्रयासों का शालाओं में दिख रहा सकारात्मक असर
उपस्थित से लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता तक में हुआ सुधार
निरीक्षण बना परिवर्तन का माध्यम, प्रशासनिक अमला बना परिवर्तनकर्ता
नर्मदापुरम। कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देश अनुसार जिले में मिशन परिवर्तन@100 के अंतर्गत प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण परिवर्तक अधिकारियों द्वारा निरंतर किया जा रहा है। जिससे इन शालाओं में समस्याओं का आकलन तो किया ही जा रहा है साथ ही उनके निराकरण के लिए ठोस कदम भी उठाए जा रहे हैं जिसका परिणाम अब धरातल पर दिखने भी लगा है। निरीक्षण के बाद से शालाओं में जहां शिक्षक उपस्थिति में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला वहीं छात्र उपस्थिति में भी उल्लेखनीय प्रगति भी दर्ज की गई है। बात करें अगर शालाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति की तो प्रत्येक शाला में औसतन 70 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। इसी प्रकार निरीक्षण के दौरान शालाओं में शिक्षकों की औसतन उपस्थित 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच में दर्ज की गई है।
शिक्षक-छात्र उपस्थिति से लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता तक सभी क्षेत्र में परिवर्तक अधिकारी बने परिवर्तन के वाहक
डीपीसी डॉ राजेश जायसवाल ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एवं निरीक्षण के उपरांत शालाओं में औसत छात्र उपस्थिति के मामले में टॉप 10 विद्यालयों में शासकीय माध्यमिक शाला तवा नगर एवं शासकीय प्राथमिक शाला निटाया में शत प्रतिशत छात्र उपस्थिति दर्ज की गई। इसी प्रकार माध्यमिक शाला आश्रम पचमढ़ी में एवं शासकीय माध्यमिक शाला चीचली कला में 91 प्रतिशत से अधिक, शासकीय माध्यमिक शाला कुलामडी में 90 प्रतिशत, शासकीय माध्यमिक शाला साकेत में 88 प्रतिशत, शासकीय माध्यमिक शाला पांजरा में 85 प्रतिशत शासकीय माध्यमिक शाला स्टेशन गंज इटारसी में 83 प्रतिशत, शासकीय प्राथमिक शाला कन्या बनखेड़ी में 82 प्रतिशत तथा शासकीय कन्या माध्यमिक शाला पुरानी इटारसी में भी 82 प्रतिशत विद्यार्थी उपस्थिति दर्ज की गई है।
मिशन परिवर्तन के तहत अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षणों में शालाओं की स्वच्छता, शौचालय की व्यवस्था एवं शैक्षणिक गुणवत्ता का भी आकलन किया गया। चिन्हित किए गए शालाओं में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि 60 शालाओं में स्वच्छता की स्थिति अच्छी है 67 की औसत पाई गई। इसी प्रकार शौचालय की स्वच्छता में भी 34 शालाओं की शौचालय स्वच्छता अच्छी पाई गई 79 शालाओं की औसत एवं 14 शौचायलयों की स्वच्छता व्यवस्था खराब पाई गई। बात करें अगर शैक्षणिक गुणवत्ता की तो 22 सालों में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता पाई गई जबकि 104 शालाओं में शैक्षणिक गुणवत्ता का स्तर औसत एवं एक विद्यालय का निम्न पाया गया। इसके अतिरिक्त भी परिवर्तक अधिकारियों को शालाओं में छात्र उपस्थित, अधोसंरचना एवं सुरक्षा संबंधी कमियां, शैक्षणिक एवं स्वच्छता संबंधी समस्याएं भी देखने को मिली। समस्याओं के निराकरण हेतु कलेक्टर के निर्देशों के परिपालन में कम उपस्थिति वाले चयनित स्कूलों में समूह बनाकर उनके प्रधान पाठकों को सीट बजाओ बच्चे बुलाओ तथा इसी प्रकार की अन्य गतिविधियां आयोजित की गई। फल स्वरुप शालाओं की औसत उपस्थिति 50 प्रतिशत से बढ़कर 70 प्रतिशत से अधिक हो गई। साथ ही चयनित स्कूल जिनमे अधोसंरचना विकास की कमियों के लिए जिला शिक्षा केंद्र के तकनीकी हमले द्वारा निरीक्षण किया गया एवं त्वरित निराकरण हेतु वार्षिक कार्य योजना में प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया गया। शीघ्र ही राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृति प्राप्त होने के पश्चात सुधार कार्य किए जाएंगे। कुछ शालाओं में विधायक एवं सांसद निधि के माध्यम से भी कार्य करवाए गए। स्वच्छता संबंधी समस्याओं के लिए शाला के एसएमडीसी मद में प्राप्त राशि से तत्काल सुधार कार्य भी करवाए गए। जिससे परिवर्तन परिलक्षित हुआ। इसी प्रकार शैक्षणिक कैमियो के लिए जन शिक्षकों को शालाओं में विशेष रूप से ध्यान देने के लिए निर्देशित किया गया तथा कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं का सम्मिलित रूप से समूह बनाया गया तथा उन्हें बुनियादी ज्ञान का बार-बार अभ्यास करवाया गया। इससे छात्रों में शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हुआ।
मुख्य रूप से देखा जाए तो मिशन परिवर्तन के उपरांत अधिकारियों द्वारा परिवर्तक के रूप में निरीक्षण के बाद छात्र उपस्थिति में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली। इसी प्रकार शाला की समस्याओं का परिवर्तकों द्वारा निराकरण भी किया गया एवं शाला को परिवर्तक अधिकारियों के द्वारा उपयोगी वस्तुओं की भेंट। साथ ही बच्चों को गुणवत्ता युक्त मध्यान्ह भोजन भी मेनू अनुसार प्रदान किया जा रहा है।
विशेष कार्ययोजना के तहत शालाओं में किया जा रहा स्थायी सुधार
इसके अतिरिक्त व्यवस्था में सुधार के लिए भी कार्य योजना तैयार की गई है जिसके तहत छात्र उपस्थिति बढ़ाने हेतु पालक संपर्क पंजी का संधारण किया जाएगा जिसके माध्यम से सप्ताह में कम से कम दो बार अनुपस्थित बच्चों के पलकों से संपर्क किया जायेगा। बेस्ट परफॉर्मर अवार्ड प्रणाली लागू कर नियमित उपस्थिति वाले बच्चों को मासिक पुरस्कार तथा टॉप शालाओं द्वारा अपनाई जा रही पद्धति को अन्य शालाओं में लागू किया जाएगा। अधोसंरचना में सुधार के लिए प्राथमिकता वाली समस्याओं को सूचीबद्ध कर उनका समाधान करने का कार्य किया जाएगा। साथ ही जनप्रतिनिधियों के माध्यम से एवं सीएसआर फंड के तहत भी कार्य कराए जाएंगे। स्वच्छता में स्थाई सुधार किए जाने हेतु दैनिक स्वच्छता टीम तैयार कर उसमें 5 से 10 छात्रों को स्वच्छता दूत बनाया जाएगा। पूरे स्कूल की साफ सफाई हेतु प्रति शुक्रवार सफाई अभियान भी चलाई जाने की कार्य योजना तैयार की जाएगी। शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने हेतु शालाओं में एफएलएन एवं दक्षता ट्रैकर के अनुसार नियमित रूप से 30 मिनट अभ्यास अनिवार्यता प्रारंभ करवाया जा रहा है साथ ही शिक्षकों को साप्ताहिक कॉपी चेकिंग का टारगेट भी दिया जायेगा।
परिवर्तक अधिकारियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य एवं सराहनीय पहल
निरीक्षण के दौरान विभिन्न अधिकारियों द्वारा शालाओं की व्यवस्था सुधार एवं शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्य एवं उत्कृष्ट पहल प्रारंभ की गई। माध्यमिक शाला स्टेशन गंज इटारसी के परिवर्तक अधिकारी डॉ शैलेंद्र नेमा द्वारा छात्र छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाने का कार्य किया गया। जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रकार की जानकारी प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त शाला में खेलकूद प्रतियोगिताओं हेतु भी प्रोत्साहन एवं खेल सामग्री वितरित की गई। साथ ही शाला परिसर में खराब पड़े हैंडपंप को सुधारने के लिए भी लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी विभाग से समन्वय कर सुधरवाया गया। इसी प्रकार आरटीओ श्रीमती रिंकू शर्मा आवंटित माध्यमिक शाला में शैक्षणिक गुणवत्ता निरंतर प्रयास किए गए साथ ही आधारभूत संरचना में सुधार के लिए भी समय-समय पर विभाग से संपर्क किया गया एवं छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए शिक्षा उपयोगी उपहार भी प्रोत्साहन के रूप में वितरित किए गए। ईई आरईएस श्रीमती प्रियंका मेहरा ने भी बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता बेहतर करने हेतु निरीक्षण कर उचित उपाय किये गए। इसके अतिरिक्त भी शाला प्रांगण में साफ सफाई रंग रोगन कार्य आदि भी निरीक्षणकर्ता अधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशन के पालन में करवाया गया।

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