मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में गबन धोखाधड़ी में लिप्त तीन अधिकारी/कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त
कलेक्टर एवं प्रशासक सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता ने बैंक स्टाफ उपसमिति की बैठक संपन्न
नर्मदापुरम। कलेक्टर एवं प्रशासक जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित सुश्री सोनिया मीना की अध्यक्षता में बैंक स्टाफ उपसमिति की बैठक बैंक प्रधान कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की गई। उक्त बैठक में उपायुक्त सहकारिता जिला नर्मदापुरम शिवम मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित विनय प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।
उक्त बैठक में कलेक्टर सुश्री मीना द्वारा बैंक की शाखा खिड़किया से राशि रूपये 43.00 लाख की फर्जी एडवाईज जारी कर समायोजन किये जाने ज्ञानेश्वर काले तत्कालीन लिपिक, शाखा खिड़किया, श्रीमती भावना काले, तत्कालीन लिपिक, मुख्य शाखा हरदा को जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच सुनील धनगर, प्रभारी शाखा प्रबंधक, शाखा खिड़किया एवं मुकेश गौर, तत्कालीन समिति प्रबंधक को बैंक द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच सतीशचंद्र सिटोके, प्र.नोडल अधिकारी, नोडल शाखा हरदा से कराई गई। उक्त दोनों जांच अधिकारियों द्वारा जारी कारण बताओं सूचना पत्र में दोषी कर्मचारियों पर बैंक द्वारा लगाये गये आरोप प्रमाणित पाये जाने से श्री काले को बैंक के आदेश क्रमांक 3874 12.03.2026, श्रीमती काले को बैंक के आदेश क्रमांक 3877 12 मार्च 2026 एवं श्री गौर को बैंक के आदेश क्रमांक 3875 12 मार्च 2026 से सेवा समाप्त करने के दण्ड से दंडित किया जाकर आदेश जारी दिनांक से इनकी सेवायें समाप्त की गई।
इसी प्रकार बैंक की शाखा मुख्य हरदा में राशि रूपये 2.77 करोड़ के सिलक शार्टेज के प्रकरण में सुदर्शन जोशी तत्कालीन प्र.शाखा प्रबंधक मुख्य शाखा हरदा एवं श्रीमती भावना काले, तत्कालीन लिपिक/ कैशियर को कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये जाकर विभागीय जांच संस्थित की गई थी। उक्त दोनों कर्मचारियों को जारी कारण बताओं सूचना पत्र की विभागीय जांच 03 सदस्यीय जांच दल को सौंपी गई थी। जांच दल के द्वारा बैंक को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट अनुसार उक्त दोनों दोषी कर्मचारियों पर बैंक द्वारा लगाये गये आरोप सिद्ध पाये जाने से श्री जोशी के सेवानिवृत्त होने से प्रस्तावित दंड दिया जाना संभव नहीं होने एवं श्रीमति काले को सेवामुक्ति दंड में किसी प्रकार की कमी नहीं करते बैंक के आदेश क्रमांक 3875 12 मार्च 2026 से सेवा समाप्त करने के दंड से दंडित किया गया तथा प्रकरण में उक्त दोनों दोषियों से उक्त प्रकरण की शेष रही ब्याज की राशि रूपये 35.46 लाख की वसूली हेतु सहकारी विधान की धारा 64 में सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने के शाखा प्रबंधक मुख्य शाखा हरदा को निर्देश दिये गये।

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