मकर संक्रांति की तिथि को लेकर इस वर्ष लोगों में बहुत असमंजस कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कह रहे मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा - AKN News India

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Tuesday, 13 January 2026

मकर संक्रांति की तिथि को लेकर इस वर्ष लोगों में बहुत असमंजस कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कह रहे मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा


एके एन न्यूज नर्मदा पुरम 


 मकर संक्रांति की तिथि को लेकर इस वर्ष लोगों में बहुत असमंजस 

 कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कह रहे 

 मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा


नर्मदा पुरम। हिन्दु सनातन संस्कृति के अनुसार मकर संक्रांति का यह पर्व सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही मनाया जाता है, जो उत्तरायण की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन को देवताओं के दिन की शुरुआत माना जाता है और यह पर्व पूरे भारत में विभिन्न नामों और तरीकों से मनाया जाता है।

मकर संक्रांति का महत्व

मकर संक्रांति का पर्व प्रकृति, सूर्य उपासना और मानव जीवन के बीच संतुलन को प्रदर्शित करता है। यह पर्व शीतकाल की समाप्ति और नए फसल चक्र की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते हैं, दान-पुण्य करते हैं और सूर्य देव की पूजा करते हैं।

मकर संक्रांति के अवसर पर विशेष आयोजन उत्तर भारत में यह पर्व लोहड़ी के रूप में मनाया जाता है। जिसमें अलाव जलाया जाता है और लोक गीत गाए जाते है। दक्षिण भारत में यह पर्व पोंगल के रूप में मनाया जाता है। जिसमें नए चावल और गुड़ से बने व्यंजन पकाए जाते हैं। महाराष्ट्र में यह पर्व तिल और गुड़ की मिठास के माध्यम से सामाजिक सौहार्द का संदेश देता है। गुजरात में यह पर्व पतंगों के महा समागम का महोत्सव है, जिसमें रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाई जाती हैं।

मकर संक्रांति की तिथि को लेकर इस वर्ष लोगों में बहुत असमंजस है. कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाने की बात कर रहा है. हालांकि ज्योतिषविदों ने पंचांग के आधार पर सही तारीख स्पष्ट कर दी है, जिससे लोगों का भ्रम दूर हो सके.

मकर संक्रांति सूर्य से जुड़ा पर्व है और इसमें सूर्योदय के आधार पर ही पर्व मनाना उचित होता है

  लोगों को बड़ी बेसब्री से इंतजार है. लेकिन इस वर्ष मकर संक्रांति की तारीख को लेकर बहुत कन्फ्यूजन है. कोई 14 जनवरी तो कोई 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व बता रहा है. ऐसे में लोग भ्रम की स्थिति में हैं और अब तक यह तय नहीं कर पाए हैं कि त्योहार 14 जनवरी को मनाना उचित है या 15 जनवरी को. हालांकि अब आपकी चिंता दूर होने वाली है, क्योंकि ज्योतिषविदों ने पंचांग देखकर सही तिथि के बारे में बता दिया है

ज्योतिषाचार्या ने नितिशा मल्होत्रा ने बनारस के पंचांग का हवाला देते हुए कहा कि 14 जनवरी को सूर्य रात 9 बजकर 49 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करने वाले हैं. चूंकि जब सूर्य का राशि परिवर्तन रात्रिकाल में होता है तो उस वक्त मकर संक्रांति का पर्व नहीं मनाया जा सकता है. यह सूर्य से जुड़ा पर्व है और इसमें सूर्योदय के आधार पर ही पर्व मनाना उचित होगा. 14 जनवरी को सूर्य गोचर के बाद अगले दिन सुबह सूर्योदय होगा. ऐसे में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाना ही उचित होगा.

क्यों 14 जनवरी को मनाना उचित नहीं मकर संक्रांति?
इसके अलावा कुछ ज्योतिषविदों ने यह तर्क भी दिया है कि 14 जनवरी को पुण्यकाल दोपहर में होने की वजह से लोग 14 जनवरी को ही मकर संक्रांति मना रहे हैं और दोपहर के समय ही स्नान करने की सोच रहे हैं. जबकि शास्त्रों में दोपहर के स्नान को निकृष्ट माना गया है. यानी इस वक्त स्नान करना अच्छा नहीं होता है.।

No comments:

Post a Comment

सेवानिवृत शिक्षक यादव का निधन, पैतृक ग्राम में होगा अंतिम संस्कार

  मनोज सोनी एडिटर इन चीफ  सेवानिवृत शिक्षक यादव का निधन, पैतृक ग्राम में होगा अंतिम संस्कार नर्मदापुरम। सेवानिवृत शिक्षक और समाजसेवी बीएस या...

Post Top Ad

Responsive Ads Here