नर्मदापुरम के मिर्जा जमाल बेग ने जीता एमपी के मोस्ट मस्कुलर का खिताब ग्वालियर में आयोजित चंबल श्री बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने किया शानदार प्रदर्शन - AKN News India

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Sunday, 4 January 2026

नर्मदापुरम के मिर्जा जमाल बेग ने जीता एमपी के मोस्ट मस्कुलर का खिताब ग्वालियर में आयोजित चंबल श्री बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने किया शानदार प्रदर्शन


 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 


नर्मदापुरम के मिर्जा जमाल बेग ने जीता एमपी के मोस्ट मस्कुलर का खिताब 

 ग्वालियर में आयोजित चंबल श्री बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में खिलाडिय़ों ने किया शानदार प्रदर्शन 


एके एन न्यूज नर्मदा पुरम। ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय चंबल श्री बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में मिर्जा जमाल बेग ने एमपी के मोस्ट मस्कुलर का खिताब जीता है। नर्मदापुरम निवासी मिर्जा जमाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बेस्ट मस्कुलर का प्रतिष्ठित खिताब अपने नाम किया। कड़े मुकाबले और देशभर से आए दमदार खिलाडिय़ों के बीच जमाल ने अपनी बेहतरीन फिटनेस, मसल डेफिनिशन और स्टेज प्रेजेंस से निर्णायकों को प्रभावित किया। 

प्रतियोगिता में मिर्जा जमाल ने 90 किलोग्राम वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद आयोजित ओवरऑल टाइटल फाइट में उन्होंने दमदार प्रदर्शन करते हुए एमपी मोस्ट मस्कुलर का खिताब भी जीत लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि जमाल इससे पहले भी मिस्टर एमपी बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता में खिताब जीत चुके हैं। लगातार सफलता ने उन्हें प्रदेश के शीर्ष बॉडी बिल्डरों की पंक्ति में ला खड़ा किया है। 


समर्पण, अनुशासन और अथक मेहनत से पाया मुकाम 


जमाल की इस जीत के पीछे वर्षों का समर्पण, अनुशासन और अथक मेहनत छिपी है। वे रोज़ाना घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और ट्रेनिंग के हर सत्र को पूरी गंभीरता से लेते हैं। उनका मानना है कि बॉडी बिल्डिंग केवल ताकत का खेल नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, धैर्य और निरंतरता की परीक्षा है। जमाल ने बताया श्रेय अनुशासित डाइट प्लान जरूरी होता है। दिनचर्या में उच्च प्रोटीन युक्त आहार प्रमुख रहता है। सुबह की शुरुआत वे ओट्स, अंडे की सफेदी और फलों से करते हैं। दिन के भोजन में उबली सब्जियां ब्राउन राइस, सहित प्रोटीन युक्त भोजन शामिल रहता है। शाम के समय वे प्रोटीन शेक और ड्राई फ्रूट्स लेते हैं, जबकि रात के भोजन में हल्का लेकिन पोषण से भरपूर आहार रखते हैं। वे जंक फूड, अधिक तले-भुने खाद्य पदार्थ और मीठे से दूरी बनाए रखते हैं। पर्याप्त पानी पीना और समय पर नींद लेना भी उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है।

युवाओं के लिए प्रेरणा

मिर्जा जमाल की यह सफलता नर्मदापुरम ही नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया। उनका कहना है कि सही मार्गदर्शन, नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के साथ कोई भी खिलाड़ी राष्ट्रीय व राज्य स्तर पर पहचान बना सकता है।

प्रतियोगिता के बाद जमाल को प्रशिक्षकों, खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों से बधाइयों का तांता लगा हुआ है। आने वाले समय में वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में मध्यप्रदेश का नाम रोशन करने की तैयारी में जुट गए हैं। मिर्जा जमाल की यह जीत साबित करती है कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर किसी भी मंच पर सफलता हासिल की जा सकती है।


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