अतीत के गौरव से भविष्य के सपने बुनती "उड़ गए दिवस पखेरू" - AKN News India

Breaking

Post Top Ad

Post Top Ad

Thursday, 22 January 2026

अतीत के गौरव से भविष्य के सपने बुनती "उड़ गए दिवस पखेरू"


 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ 


अतीत के गौरव से भविष्य के सपने बुनती "उड़ गए दिवस पखेरू" 


नर्मदापुरम। "उड़ गए दिवस पखेरू" कृति अतीत के गौरव और वर्तमान की पीड़ा के बीच भविष्य के सुनहरे सपने बुनने का काम करती है। यह कृति ग्रामीण समाज और परिवेश का सजीव चित्र खींचती है। यह बात वरिष्ठ पत्रकार प्रमोद की प्रथम कृति "उड़ गए दिवस पखेरू"  के विमोचन के अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री माधव सिंह दांगी ने कही। उन्होंने कहा कि पूर्व का ग्रामीण समाज बहुत ही संवेदनशील और मर्यादित था। वहां भावनाओं और संबंधों का आदर था। लोग परस्पर प्रेम से रहते थे। यह पुस्तक ऐसी कई परंपराओं को उजागर करती है, जो अब लुप्त सी हो रही हैं। 

पुस्तक की समीक्षा करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार अशोक जमनानी ने कहा कि ये किताब गांव की त्रासदी को बयान करती है। हमारे देश में सात लाख से अधिक गांव हैं और इतनी ही सांस्कृतिक विविधता भी। ये किताब हमें ऐसे गांव में लेकर जाती है।  गांव में देने का भाव है और शहर में भोग की लालसा। प्रमोद शर्मा की यह कृति मनुष्य के दिल, दिमाग और पेट को अपने स्थान पर अपने कार्य करने का संकेत भी करती है। 

विशिष्ट अतिथि विधायक विजय पाल सिंह ने कहा कि पुस्तक हमे अतीत के दिनों में लेकर जाती है, वह हमारे बचपन की सैर कराती हुई लगती है। उन्होंने कहा कि इसकी बातें अनुभव सिद्ध लगती है। 

समेरिटंस ग्रुप के डायरेक्टर डॉ आशुतोष शर्मा ने कहा कि  गांव भगवान ने बनाए जबकि शहर इंसानों ने। पुस्तक बहुत सी सरल और सरस है। वास्तव में साहित्य वही होता है, जो सहजता से बिना परिश्रम से लिखा जाए। 

लेखक प्रमोद शर्मा ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि यह पुस्तक पूर्व पीढ़ी का प्रसाद है जो वे वर्तमान और आने वाली पीढ़ी को सौंप रहे हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिकता की दौड़ में हमारे संबंध कहीं खो गए हैं, आज उन्हें पुनः तलाशने की जरूरत है। कार्यक्रम को जगन्नाथ मंदिर के गुरु जी बाबा जी प्रसाद दास, पूर्व विधायक प गिरिजा शंकर शर्मा ने भी संबोधित किया। 

कार्यक्रम में गुरुजी प्रकाश चंद्र उपाध्याय, शिवम् शेलम समिति के सचिव संतोष शर्मा, प्राचार्य प्रेरणा रावत, लेखक की माताजी भगवती देवी, सहित समेरिटंस विद्यालय के प्राचार्य, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक, साहित्यकार, पत्रकार उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश शर्मा ने किया जबकि आभार प्रेरणा रावत के व्यक्त किया। कार्यक्रम में कविता लेखन प्रतियोगिता में शामिल बच्चों को पुरस्कार प्रदान किए गए, जबकि अतिथि का सम्मान  शाल श्री फल देकर किया गया। आज रामलला प्राण प्रतिष्ठा दिवस होने के उपलक्ष्य में बच्चों द्वारा भगवान राम के जीवन चरित्र पर आधारित एक नृत्य नाटिका प्रस्तुत की गई। 

पुस्तक के विमोचन के अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल और राज्यसभा सांसद श्रीमति माया नारोलिया

 ने वीडियो क्लिप के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि यह कृति वास्तव में पुरानी परंपराओं और ज्ञान को संरक्षित करती है। यह उन्होंने बीते सुनहरे और अतीत की ओर लेकर जाती है, जहां पूरा गांव एक परिवार था, जहां रिश्तों को मर्यादा थी और अपनों का साथ था। यह किताब बहुत सार्थक सिद्ध होगी।

No comments:

Post a Comment

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सशक्त उपाय है एचपीवी वैक्सीन जिले में में 20 मार्च को 640 बालिकाओं ने लगवाया टीका अब तक 3278 बालिकाओं को लगी एचपीवी वैक्सीन

 मनोज सोनी एडिटर इन चीफ  सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सशक्त उपाय है एचपीवी वैक्सीन जिले में में 20 मार्च को 640 बालिकाओं ने लगवाया टीका अब तक 3...

Post Top Ad

Responsive Ads Here