मनोज सोनी एडिटर इन चीफ
'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम,
2013 (POSH Act) एवं SHe-Box पोर्टल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन
नर्मदापुरम// कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के मार्गदर्शन में मिशन शक्ति अर्तंगत 20 फरवरी 2026 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नर्मदापुरम के सभा कक्ष में 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) एवं SHe-Box पोर्टल एक विशेष प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को एक सुरक्षित, और समावेशी कार्य वातावरण प्रदान करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायाधीश/सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकार, डॉ. बबीता राठौर डिप्टी कलेक्टर, ललित कुमार डेहरिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास नरसिंह गहलोत, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, श्रीमती प्रीति यादव परियोजना अधिकारी महिला एवं बाल विकास शहरी, श्रीमती श्वेता चौबे अध्यक्ष स्थानीय परिवाद समिति एवं जिला स्तर पर विभिन्न कार्यालयों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक एवं मास्टर ट्रेनर हेतु एडव्होकेट सुश्री भावना त्रिपाठी, सुफल सर्व उत्थान, आर्ट लाइफ एंड कल्चर वेलफेयर सोसायटी भोपाल द्वारा उपस्थित रही। ललित कुमार डेहरिया जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा एवं प्रशिक्षण की उपयोगिता के संबंध में उपस्थित प्रतिभागियो को जानकारी दी गयी।
न्यायाधीश/सचिव विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 'कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 (POSH Act) के संबंध में उपस्थित प्रतिभागियों को एक्ट के माध्यम से किये गये कानूनी प्रावधानों के बारे में अवगत कराया साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से महिलाओं को प्रदाय की जाने वाली नि:शुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। अभय सिंह जिला विधिक सहायता अधिकारी द्वारा निशुल्क विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नं. 15100 की कार्यप्रणाली के बारे में अवगत कराया।
डा. बबीता राठौर डिप्टी कलेक्टर द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यालय में कर्मचारी के साथ सम्मान पूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए यदि किसी भी कार्यालय में कर्मचारी के साथ उत्पीड़न संबंधी समस्या हो तो निडर होकर इसकी सूचना कार्यालय में गठित समिति के समक्ष रखना चाहिए। मुख्य प्रशिक्षक एवं मास्टर ट्रेनर एडव्होकेट सुश्री भावना त्रिपाठी द्वारा निम्नानुसार बिंदुओं के बारे में पीपीटी के माध्यम से उपस्थित प्रतिभागियों को निम्नानुसार जानकारी दी गयी-
कानूनी जागरूकता: कार्यशाला में POSH अधिनियम के कानूनी ढांचे, 'यौन उत्पीड़न' की परिभाषा और 'कार्यस्थल' के दायरे के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
आंतरिक समिति (IC): कर्मचारियों को संस्थान की आंतरिक समिति (Internal Committee) के सदस्यों और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
डिजिटल पहल: सत्र के दौरान भारत सरकार के नए SHe-Box (Sexual Harassment Electronic Box) पोर्टल के बारे में भी बताया गया, जो शिकायतों के त्वरित और पारदर्शी निवारण में सहायक है। सभी जिला अधिकारियो को पोर्टल पर पंजीयन कराया जाना अनिवार्य है। कार्यक्रम का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ, जहां कर्मचारियों की शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं उपस्थित अतिथियो का आभार आशु पटेल, बाल संरक्षण अधिकारी द्वारा किया गया।

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