जन-शक्ति से कायाकल्प: रिवर व्यू सोसाइटी के नागरिकों ने स्वच्छता को बनाया अपनी पहचान
नर्मदापुरम। स्वच्छ भारत अभियान का सबसे सुंदर और प्रेरणादायक रूप नर्मदापुरम की रिवर व्यू सोसाइटी में देखने को मिल रहा है। यहाँ के नागरिकों ने स्वच्छता के लिए किसी बाहरी एजेंसी या नगर पालिका के भरोसे बैठने के बजाय 'स्वयं सहायता' और 'श्रमदान' का मार्ग चुना है।
शनिवार बना 'स्वच्छता का उत्सव'
सोसाइटी के रहवासियों ने एक सराहनीय परंपरा स्थापित की है, जिसके तहत हर शनिवार को सामूहिक स्वच्छता अभियान चलाया जाता है। इस दौरान रहवासी अपनी गलियों, नालियों और पार्कों के आसपास जमा कचरे को स्वयं साफ करते हैं। अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी अपनी स्वेच्छा से समान रूप से भागीदारी निभा रहे हैं।
जिम्मेदारी का अहसास
अभियान के विषय में जानकारी देते हुए राकेश मालवीय ने बताया कि यह कार्यक्रम अब मात्र एक अभियान नहीं, बल्कि समाज की जिम्मेदारी बन चुका है। लोग अपने घरों के सामने झाड़ू लगाकर कचरा हटाते हैं और सामूहिक स्थलों को स्वच्छ रखते हैं। वहीं, आर.के. पाठक का मानना है कि स्वच्छता का सीधा असर स्वास्थ्य और मानसिक प्रसन्नता पर पड़ता है, इसलिए कॉलोनी के लोग इसे पूरी निष्ठा से कर रहे हैं।
सजग नागरिकों की सक्रिय भूमिका
इस सामूहिक प्रयास और टीम भावना की जीत में लक्ष्मी प्रसाद परोनिया, के.एन. त्रिपाठी, संतोष शर्मा, राधेश्याम अरमा, अंकुर बिल्लौरे, राकेश मालवीय, आर.के. पाठक, लौकेश साहू, सुधीर लुटारे, सरिता लुटारे, पूर्णिमा त्रिपाठी लक्ष्मी प्रसाद परोनिया और प्रीति खरे जैसे सजग नागरिकों की सक्रिय भूमिका रही है।
इन रहवासियों का यह अथक प्रयास अन्य कॉलोनियों के लिए भी एक प्रेरक संदेश दे रहा है कि यदि नागरिक ठान लें, तो अपने परिवेश को स्वर्ग जैसा स्वच्छ बनाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है।

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